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Jammu News: नेत्रदान के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक
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कठुआ। राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ में नेत्रदान करें,दृष्टि का उपहार दें और जीवन बदलें विषय पर जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नेत्रदान के महत्व से अवगत करवाया गया। इसके साथ उन्हें इसके प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में जीएमसी कठुआ के नेत्र रोग विभाग की सीनियर रेजिडेंट डॉ. शिवानी शर्मा ने विद्यार्थियों को नेत्रदान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने नेत्रदान की प्रक्रिया, इसके सामाजिक महत्व और इससे जुड़े आम भ्रम एवं गलत धारणाओं को दूर किया।
डॉ. शिवानी शर्मा ने कहा कि नेत्रदान के माध्यम से दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में रोशनी और नई उम्मीद लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान केवल एक व्यक्ति को दृष्टि देने का माध्यम नहीं बल्कि किसी जरूरतमंद के जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास लौटाने का भी नेक प्रयास है।
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उन्होंने नेत्रदान को लेकर समाज में अधिक जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नेत्रदान के संदेश को अपने परिवारों और आसपास के लोगों तक पहुंचाएं तथा इस मानवीय अभियान के दूत बनकर समाज में जागरूकता फैलाएं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे नेत्रदान को लेकर फैले भ्रम को दूर करने और अधिक से अधिक लोगों को इस नेक कार्य के लिए जागरूक करने में अपनी भूमिका निभाएं।
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कार्यक्रम में जीएमसी कठुआ के नेत्र रोग विभाग की सीनियर रेजिडेंट डॉ. शिवानी शर्मा ने विद्यार्थियों को नेत्रदान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने नेत्रदान की प्रक्रिया, इसके सामाजिक महत्व और इससे जुड़े आम भ्रम एवं गलत धारणाओं को दूर किया।
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डॉ. शिवानी शर्मा ने कहा कि नेत्रदान के माध्यम से दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में रोशनी और नई उम्मीद लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान केवल एक व्यक्ति को दृष्टि देने का माध्यम नहीं बल्कि किसी जरूरतमंद के जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास लौटाने का भी नेक प्रयास है।
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उन्होंने नेत्रदान को लेकर समाज में अधिक जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नेत्रदान के संदेश को अपने परिवारों और आसपास के लोगों तक पहुंचाएं तथा इस मानवीय अभियान के दूत बनकर समाज में जागरूकता फैलाएं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे नेत्रदान को लेकर फैले भ्रम को दूर करने और अधिक से अधिक लोगों को इस नेक कार्य के लिए जागरूक करने में अपनी भूमिका निभाएं।