पार्टी सत्ता की लोभी नहीं : नेशनल कांफ्रेंस
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वह अपनी विचारधाराओं से किसी प्रकार का समझौता नहीं कर सकती। न ही इस प्रकार के समझौते कर सत्ता में भागीदारी की इच्छुक है।
उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला ने काल्पनिक परिस्थितियों में और एक काल्पनिक सवाल के जवाब में सिर्फ इतना कहा था कि यदि भाजपा की ओर से कोई प्रस्ताव आता है तो उस पर पार्टी की वर्किंग कमेटी की बैठक में फैसला किया जाएगा।
फारूक बोले, विधानसभा भंग कर चुनाव हो
नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ने भाजपा की ओर से प्रस्ताव आने पर विचार करने संबंधी बयान पर अगले ही दिन यू टर्न लेते हुए कहा कि यदि पीडीपी और भाजपा सरकार बनाने में विफल रहती है तो विधानसभा को भंग कर नए चुनाव कराए जाने चाहिए।
पत्रकारों से कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि उनकी पार्टी भाजपा के साथ जाएगी। उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि पीडीपी को भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाना चाहिए क्योंकि उन्हें जनादेश मिला है।
साथ ही पार्टी वर्किंग कमेटी की बैठक में किसी भी मुद्दे पर बात की जा सकती है। उन्होंने कहा कि उनके पास 15 विधायक ही हैं। ऐसे में सरकार गठन की बात कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन में देरी से सीमावर्ती राज्य होने के नाते से कई दिक्कतें हैं।