पीओके रिफ्यूजियों के पैकेज पर नेकां-कांग्रेस में तनातनी
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पीओके रिफ्यूजियों के पैकेज संबंधी मुद्दे पर साझा सरकार के घटक दलों नेकां और कांग्रेस में तनातनी बढ़ गई है। इसकी वजह से पिछले एक महीने से राज्य कैबिनेट की बैठक नहीं हुई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज के सख्त रुख के बावजूद यह मसला हल नहीं हुआ।
इस परिदृश्य के बीच पीओके रिफ्यूजी संगठनों ने भी राज्य सरकार खासकर कांग्रेस पर दबाव बढ़ा दिया है। प्रदेश कांग्रेस का आरोप है कि नेशनल कांफ्रेंस जानबूझकर पाकिस्तानी रिफ्यूजियों के नाम पर भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है।
पीएचई मंत्री शाम शर्मा का कहना है कि कांग्रेस पीओके रिफ्यूजियों के लिए पैकेज का प्रस्ताव कैबिनेट में पारित करने की मांग कर रही है, लेकिन नेकां के नेता वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों के नाम पर इसमें अड़ंगा डाल रहे हैं।
विवाद के कारण एक महीने से नहीं हुई कैबिनेट की बैठक
बकौल शाम शर्मा पीओके रिफ्यूजी जम्मू कश्मीर के स्थायी नागरिक हैं। स्थायी नागरिकता का मसला वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों का है। लिहाजा पीओके रिफ्यूजियों के स्थानीय पुनर्वास के लिए वन टाइम सेटलमेंट के तहत पैकेज जारी होने से अनुच्छेद 370 का उल्लंघन नहीं होगा।
वहीं, नेकां के अतिरिक्त महासचिव और विधायक मुस्तफा कमाल का कहना है कि रिफ्यूजियों को इस पैकेज के लिए जमीन के मालिकाना हक देने की वकालत कांग्रेस कर रही है।
राज्य सरकार ऐसा नहीं कर सकती। क्योंकि यह मसला सीधे तौर पर कश्मीर मसले के साथ जुड़ा है। क्योंकि जम्मू कश्मीर से विस्थापित होकर पीओके में बसे लोगों का हम रियासत में पुनर्वास करना चाहते हैं।
अलबत्ता नेकां के सीनियर नेता और ग्रामीण विकास मंत्री अली मोहम्मद सागर के मुताबिक जल्द ही राज्य कैबिनेट की बैठक होगी। सागर ने कहा कि ईद और अन्य त्योहारों की वजह से कैबिनेट की बैठक नहीं हो सकी थी।