29 अगस्त को मनाया जाएगा राष्ट्रीय खेल दिवस, जानिए जांबाज अजय सावंत के बारे में महत्वपूर्ण बातें

अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर Updated Thu, 27 Aug 2020 06:09 PM IST
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सूबेदार अजय अनंत सावंत
सूबेदार अजय अनंत सावंत - फोटो : सोशल मीडिया

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देश में हर साल 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। यह दिन खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। आज हम आपको देश की सेवा करते हुए अपने जज्बे का परचम लहराने वाले एक जवान के बारे में बताने जा रहे हैं।
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उनका नाम है सूबेदार अजय अनंत सावंत। अजय का परिवार देश के उन युवाओं के लिए मिसाल है जो सेना में आकर देश की सेवा करना चाहते हैं। सूबेदार अजय के परिवार के कई सदस्य देश की सेवा कर चुके हैं तो कई अन्य सदस्य अभी देश की सेवा कर रहे हैं।


सूबेदार अजय अनंत सावंत ने 1993 में सेना ज्वाइन की। उनके दो बेटे हैं। जोकि आर्मी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अजय के पिता अनंत सावंत ने मराठा लाइट इंफैंट्री-2 में देश की सेवा की है। वह 1971 के युद्ध के में भी शामिल रहे। अजय के बड़े भाई हवलदार गोविंद सावंत भी कारगिल युद्ध के योद्धा रहे हैं। अजय सावंत के चचेरे भाई मराठा लाइट इंफैंट्री में देश की सेवा कर रहे हैं।

उन्होंने लेह में युद्ध के दौरान सेना के मेडिकल सहायक के तौर पर देश की सेवा में अपना अहम दिया। अजय सावंत के चचेरे भाई मराठा लाइट इंफैंट्री में देश की सेवा कर रहे हैं। वैसे तो इक्वेस्ट्रियन स्पोर्ट्स( घुड़सवारी खेल) की कोई पृष्ठभूमि नहीं है। लेकिन उनके जज्बे ने उन्हें एक नई पहचान दिलाई है। साल 2002 में उन्होंने पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीत दर्ज की। साल 2008 में उन्हें राष्ट्रीय खेल पदक से सम्मानित किया गया। इसके बाद साल 2015 में यूएई में आयोजित विश्व कप क्वालीफायर में एक व्यक्तिगत रजत जीत कर देश का नाम रोशन किया।

इसके बाद उन्होंने साल 2016 में मिस्र में तीन स्वर्ण, 2018 में ऑस्ट्रेलिया में चार स्वर्ण पदक (जिनमें दो व्यक्तिगत) जीते। इसके बाद उन्होंने साल 2019 में यूएई में आयोजित वर्ल्ड कप में सिल्वर पदक जीता। उनका कहना है कि अगला ध्यान विश्व कप 2023 पर है। यही वर्ष उनकी सेवानिवृत्ति का भी है। अजय अनंत रेजीमेंट के 12वें अर्जुन अवार्ड पाने वाले सैनिक हैं। वहीं लेफ्टिनेंट कर्नल टीके सिंह पहले सैनिक थे जिन्हें यह सम्मान मिला था।

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