{"_id":"6004502e280b7235f5719bde","slug":"national-conference-leader-farooq-abdullah-requests-pm-modi-to-allow-restoration-of-4g-internet-services-in-jk","type":"story","status":"publish","title_hn":"फारूक अब्दुल्ला का प्रधानमंत्री से अनुरोध, जम्मू-कश्मीर में बहाल हो 4जी इंटरनेट सेवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फारूक अब्दुल्ला का प्रधानमंत्री से अनुरोध, जम्मू-कश्मीर में बहाल हो 4जी इंटरनेट सेवा
Sun, 17 Jan 2021 08:26 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 17 Jan 2021 08:26 PM IST
विज्ञापन
फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : बासित जरगर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री भारत में जल्द फाइव जी इंटरनेट की बात कर रहे हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों को 4जी मोबाइल इंटरनेट भी उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है।
जम्मू में गुज्जर देश चैरिटेबल ट्रस्ट में बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय राजोरी के पूर्व कुलपति मसूद अहमद चौधरी की आत्मकथा पुस्तक का विमोचन करने के बाद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह जम्मू-कश्मीर में 4जी मोबाइल इंटरनेट सेवा को बहाल करें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अगर अपनी कुर्सी छोड़कर जम्मू-कश्मीर में रहें तो उन्हें पता चलेगा कि यहां के लोग 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा से किस तरह मुश्किलों से घिरे हैं।
विज्ञापन
80 हजार करोड़ का पैकेज कहां गया
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा 28 हजार करोड़ के पैकेज की बात हो रही है। पहले हमें यह बताया जाए कि 80 हजार करोड़ के पैकेज का क्या हुआ। यह पैसा कहां गया। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे आए दिन बंद रहता है। कश्मीर में लोगों को कड़ाके की ठंड में भारी परेशानी है। बिजली की भारी किल्लत है।
पेट्रोल और डीजल की किल्लत है। खाद्य पदार्थों की कमी हो गई है। उन्होंने कहा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2007 में कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने की बात की थी। मोदी सरकार अब 2022 तक यह वादा कर रही है।
उम्मीद है कि 2040 से पहले यह लिंक बन जाएगा, लेकिन तब हम नहीं होंगे। कोरोना वैक्सीन पर अब्दुल्ला ने कहा वह आशा करते हैं कि वैक्सीन अभियान सफल हो ताकि लोग कोरोना वायरस से मुक्ति पा सकें।
उर्दू किसी धर्म की नहीं भारतीय भाषा
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कुछ लोग उर्दू को मुस्लिमों की भाषा के रूप में देखते हैं। ऐसा नहीं है उर्दू भारत की एक भाषा है और इसका प्रचार प्रसार और तेज होना चाहिए। जब हम नहीं होंगे तब भी उर्दू भाषा होगी।
उन्होंने कहा गुज्जरों की हालत सुधरी नहीं है। वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं और शैक्षणिक रूप से भी पिछड़े हुए हैं। इनको बेहतर शिक्षा मिले और आर्थिक स्थिति मजबूत हो इसके लिए सबको मिलकर काम करना होगा।
विज्ञापन
जम्मू में गुज्जर देश चैरिटेबल ट्रस्ट में बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय राजोरी के पूर्व कुलपति मसूद अहमद चौधरी की आत्मकथा पुस्तक का विमोचन करने के बाद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह जम्मू-कश्मीर में 4जी मोबाइल इंटरनेट सेवा को बहाल करें।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अगर अपनी कुर्सी छोड़कर जम्मू-कश्मीर में रहें तो उन्हें पता चलेगा कि यहां के लोग 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा से किस तरह मुश्किलों से घिरे हैं।
विज्ञापन
80 हजार करोड़ का पैकेज कहां गया
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा 28 हजार करोड़ के पैकेज की बात हो रही है। पहले हमें यह बताया जाए कि 80 हजार करोड़ के पैकेज का क्या हुआ। यह पैसा कहां गया। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे आए दिन बंद रहता है। कश्मीर में लोगों को कड़ाके की ठंड में भारी परेशानी है। बिजली की भारी किल्लत है।
पेट्रोल और डीजल की किल्लत है। खाद्य पदार्थों की कमी हो गई है। उन्होंने कहा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2007 में कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने की बात की थी। मोदी सरकार अब 2022 तक यह वादा कर रही है।
उम्मीद है कि 2040 से पहले यह लिंक बन जाएगा, लेकिन तब हम नहीं होंगे। कोरोना वैक्सीन पर अब्दुल्ला ने कहा वह आशा करते हैं कि वैक्सीन अभियान सफल हो ताकि लोग कोरोना वायरस से मुक्ति पा सकें।
उर्दू किसी धर्म की नहीं भारतीय भाषा
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कुछ लोग उर्दू को मुस्लिमों की भाषा के रूप में देखते हैं। ऐसा नहीं है उर्दू भारत की एक भाषा है और इसका प्रचार प्रसार और तेज होना चाहिए। जब हम नहीं होंगे तब भी उर्दू भाषा होगी।
उन्होंने कहा गुज्जरों की हालत सुधरी नहीं है। वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं और शैक्षणिक रूप से भी पिछड़े हुए हैं। इनको बेहतर शिक्षा मिले और आर्थिक स्थिति मजबूत हो इसके लिए सबको मिलकर काम करना होगा।