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जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव के लिए नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस आ सकते हैं साथ
Mon, 11 Mar 2019 09:15 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Mon, 11 Mar 2019 09:15 PM IST
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उमर अब्दुल्ला, राहुल गांधी
- फोटो : फाइल
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लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने के साथ सीटों को लेकर नेकां और कांग्रेस में गठबंधन के फार्मूले पर काम हो सकता है। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो नेकां के साथ सीटों को लेकर गठबंधन पर संभावना खत्म नहीं हुई है। इसमें तीन-तीन सीटों पर राय बन सकती है। हालांकि, नेकां के सूत्रों की मानें तो मौजूदा समय में ऐसी कोई बात नहीं है। नेकां ने जम्मू-पुंछ संसदीय क्षेत्र से बीआर कुंडल को उम्मीदवार घोषित किया है।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी जम्मू-पुंछ, उधमपुर-डोडा, कश्मीर नार्थ या साउथ में से एक और लद्दाख सीट लेना चाहती है। अगर गठबंधन होता है तो राज्य कीछह सीटों में से तीन-तीन पर राय बनेगी। अगले कुछ दिन में दोनों दलों की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी।
कांग्रेस प्रवक्ता रवींद्र शर्मा का कहना है कि गठबंधन की संभावना खत्म नहीं हुई है, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। नेकां के जम्मू संभाग के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा का कहना है कि गठबंधन पर फिलहाल कोई बात नहीं हुई है। नेकां से श्रीनगर लोकसभा सीट से डा. फारूक अब्दुल्ला सांसद हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में कोई सीट नहीं है। इससे पहले शेख साहब के कार्यकाल में 1979-80, डा. फारूक अब्दुल्ला के कार्यकाल में 1987 और 2014 में सीटों को लेकर नेकां और कांग्रेस में गठबंधन हुआ था।
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चुनाव प्रचार को गति देंगे आजाद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस जल्द चुनाव प्रचार का बिगुल बजाएगी। पार्टी हाईकमान की ओर से उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के साथ ही इस पर काम किया जाएगा। आजाद को हाईकमान ने जम्मू-कश्मीर में चुनाव और प्रचार समिति का चेयरमैन बनाया है। वह जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री रहने के साथ केंद्र में कई बार मंत्री रह चुके हैं। उन्हें जम्मू-कश्मीर का बेहतर अनुभव हासिल है। राज्य में उम्मीदवारों के चयन में आजाद और अंबिका सोनी की भूमिका अहम होगी। इसके बाद अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान लेगा। समिति के सदस्यों में जीएम मीर, नवांग रिगिजन जोरा, तारिक हमीद कर्रा, प्रो. सैफुउदीन सोज, ताराचंद, जीएम सरूरी और असगर अली करबलाई शामिल हैं।
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कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी जम्मू-पुंछ, उधमपुर-डोडा, कश्मीर नार्थ या साउथ में से एक और लद्दाख सीट लेना चाहती है। अगर गठबंधन होता है तो राज्य कीछह सीटों में से तीन-तीन पर राय बनेगी। अगले कुछ दिन में दोनों दलों की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी।
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कांग्रेस प्रवक्ता रवींद्र शर्मा का कहना है कि गठबंधन की संभावना खत्म नहीं हुई है, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। नेकां के जम्मू संभाग के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा का कहना है कि गठबंधन पर फिलहाल कोई बात नहीं हुई है। नेकां से श्रीनगर लोकसभा सीट से डा. फारूक अब्दुल्ला सांसद हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में कोई सीट नहीं है। इससे पहले शेख साहब के कार्यकाल में 1979-80, डा. फारूक अब्दुल्ला के कार्यकाल में 1987 और 2014 में सीटों को लेकर नेकां और कांग्रेस में गठबंधन हुआ था।
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चुनाव प्रचार को गति देंगे आजाद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस जल्द चुनाव प्रचार का बिगुल बजाएगी। पार्टी हाईकमान की ओर से उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के साथ ही इस पर काम किया जाएगा। आजाद को हाईकमान ने जम्मू-कश्मीर में चुनाव और प्रचार समिति का चेयरमैन बनाया है। वह जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री रहने के साथ केंद्र में कई बार मंत्री रह चुके हैं। उन्हें जम्मू-कश्मीर का बेहतर अनुभव हासिल है। राज्य में उम्मीदवारों के चयन में आजाद और अंबिका सोनी की भूमिका अहम होगी। इसके बाद अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान लेगा। समिति के सदस्यों में जीएम मीर, नवांग रिगिजन जोरा, तारिक हमीद कर्रा, प्रो. सैफुउदीन सोज, ताराचंद, जीएम सरूरी और असगर अली करबलाई शामिल हैं।