मोदी की कश्मीरियों का दिल जीतने की कोशिश
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सात नवंबर को रियासत के दौरे का अधिकृत कार्यक्रम तो फिलहाल जारी नहीं हुआ है, लेकिन इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है।
माना जा रहा है कि श्रीनगर स्टेडियम में वे पीडीपी-भाजपा की संयुक्त रैली को संबोधित करेंगे। दिवाली से पहले मोदी रैली के जरिये पूरी दुनिया को संदेश देने की कोशिश करेंगे कि तमाम देश विरोधी तथा आतंकी घटनाओं के बावजूद उन्हें कश्मीरियों से प्यार है।
वे जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके साथ ही दोनों दलों के बीच मतभेद भी कम करने की कोशिश होगी। पीडीपी तथा भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि रैली में यह कोशिश होगी कि कश्मीर की जनता को यह विश्वास दिलाया जा सके कि केंद्र सरकार कोई अछूत नहीं है।
विकास ही है रियासत में प्राथमिकता
केवल विकास पर उसका भरोसा है। विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक जाए इसके लिए केंद्र सरकार प्रयासरत है। लोगों में यह भरोसा जगाने की कोशिश की जाएगी कि कुछ निहित स्वार्थों के झांसे में आए बगैर वे रियासत के विकास में सहयोग दें।
वित्तीय पैकेज की घोषणा में देरी को लेकर विपक्षी दलों के निशाने पर आए केंद्र तथा प्रदेश सरकार की ओर से भी मुंहतोड़ जवाब देने की कोशिश होगी।
माना जा रहा है कि मोदी रैली में रियासत के लिए वित्तीय पैकेज की घोषणा के साथ ही कुछ विकास कार्यक्रमों का एलान कर सकते हैं।पीएमओ में राज्यमंत्री डा. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री का प्रस्तावित रियासत का दौरा इस बात का गवाह होगा कि वे जम्मू-कश्मीर के विकास के प्रति कितने संवेदनशील हैं। साथ ही यहां का विकास कितनी शीर्ष प्राथमिकता पर है।