FIR से गायब हुए पुलिसवालों के नाम
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मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में नारबाल गोलीकांड में मारे गए किशोर सुहैल अहमद सोफी के परिवार वालों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि मागाम पुलिस की ओर से जो उन्हें एफआईआर की कापी मिली है, उसमें उन दोनों पुलिसकर्मियों का नाम नहीं है, जिन पर उनके बेटे ही हत्या का आरोप है।
गौरतलब है कि 18 अप्रैल को नारबल में जारी प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोली लगने से सुहैल अहमद सोफी की मौत हो गई थी और उसी दिन पुलिस ने एक बयान जारी करते हुए कबूला था कि कांस्टेबल जावेद अहमद ने एएसआई मंज़ूर अहमद के आदेशों के तहत गोली चलाई थी। इतना ही नहीं, दोनों पुलिसकर्मियों को हिरासत में भी लिया गया, जबकि एक थाना प्रभारी को अटैच किया गया था।
'चार्जशीट में आ जाएंगे नाम'
लेकिन सुहैल के पिता अब्दुल अहमद सोफी के अनुसार उन्हें जो एफआईआर (धारा 302 के तहत 35/2015) मागाम पुलिस थाने से वीरवार को प्राप्त हुई है उसमें कहीं भी पुलिसकर्मियों के नाम नहीं लिखे गए हैं, जिसे देख उन्हें हैरानी हुई। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस द्वारा उनके नाम जारी कर गिरफ्तारी हुई, तो उनके नाम एफआईआर से गायब क्यों हैं।
अगर दोषियों को बचाने का कोई भी प्रयास किया गया, तो वह इसके विरोध में सड़क पर उतरकर आंदोलन छेड़ देंगे। वहीं एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह आवश्यक नहीं कि दोषियों के नाम एफआईआर में दर्ज हों।
जब एक बार मामले में चार्ज शीट दायर की जाएगी, तो उसमें नाम आ जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें कोई भी बचाने का प्रयास नहीं किया जा सकता, क्योंकि पुलिसकर्मियों के नाम पहले ही सार्वजनिक किए जा चुके हैं।