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एनआईए ने नगरोटा सैन्य शिविर पर हमले का भगोड़ा आतंकी किया गिरफ्तार, इस हमले में 7 जवान हुए थे शहीद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Sat, 20 Oct 2018 11:26 PM IST
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- फोटो : Demo Pic
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को एक भगोड़े आतंकी को दबोचने में तब सफलता हासिल की, जब वह हवाई जहाज से श्रीलंका के रास्ते सऊदी अरब भागने की तैयारी कर रहा था। यह आतंकी जम्मू के नगरोटा कस्बे में सैन्य शिविर पर 2016 में हुए हमले में शामिल था और तब से ही भूमिगत चल रहा था।
एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि पकड़ा गया आतंकी अशरफ खांडे जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का निवासी है और उसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह श्रीलंका के लिए फ्लाइट पकड़ने की तैयारी में था। उसकी योजना सऊदी अरब पहुंचने की थी। एनआईए अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने खांडे के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया हुआ था, जिसके चलते वह देश छोड़कर भागने की कोशिश में पकड़ा गया।
मारे गए थे 7 सैन्य कर्मी
नगरोटा में 29 नवंबर, 2016 को हुए इस हमले में दो सैन्य अधिकारियों समेत कुल 7 सैन्यकर्मियों की मौत हो गई थी और 3 गंभीर घायल हो गए थे। हमले को अंजाम देने आए तीनों पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने मार गिराया था। उनके कब्जे से भारी मात्रा में गोला-बारूद, हथियार और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हुए थे।
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एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि पकड़ा गया आतंकी अशरफ खांडे जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का निवासी है और उसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह श्रीलंका के लिए फ्लाइट पकड़ने की तैयारी में था। उसकी योजना सऊदी अरब पहुंचने की थी। एनआईए अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने खांडे के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया हुआ था, जिसके चलते वह देश छोड़कर भागने की कोशिश में पकड़ा गया।
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मारे गए थे 7 सैन्य कर्मी
नगरोटा में 29 नवंबर, 2016 को हुए इस हमले में दो सैन्य अधिकारियों समेत कुल 7 सैन्यकर्मियों की मौत हो गई थी और 3 गंभीर घायल हो गए थे। हमले को अंजाम देने आए तीनों पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने मार गिराया था। उनके कब्जे से भारी मात्रा में गोला-बारूद, हथियार और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हुए थे।
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दी थी पाकिस्तानी हमलावरों को स्थानीय सहायता
एनआईए के अनुसार, अशरफ खांडे ने नगरोटा हमले में शामिल तीन पाकिस्तानी आतंकियों को स्थानीय सहायता मुहैया कराई थी। खांडे ने उनके पाकिस्तान से सीमा पार कर भारत में घुसने पर उन्हें नगरोटा तक पहुंचने के लिए वाहन उपलब्ध कराए थे। उसने ये काम जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेटिव मुनीर-उल-हसन कादरी के इशारे पर किया था।
कादरी ने बताई थी हमले की सारी कहानी
मई में एनआईए ने हसन कादरी को नगरोटा हमले के सिलसिले में पूछताछ के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस से अपनी हिरासत में लिया था। कादरी ने बताया था कि इस हमले की साजिश जैश-ए-मोहम्मद ने पाकिस्तान की मदद से रची थी। कादरी और घाटी में सक्रिय जैश के अन्य ऑपरेटिव पाकिस्तान में अपने शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में थे और उन्होंने हमले से एक दिन पहले सांबा सेक्टर में तीनों पाकिस्तानी आतंकियों को भारत में घुसने में मदद की थी। इसके बाद वे सभी जम्मू के एक होटल में रुके थे और वहां से देर रात आतंकियों को नगरोटा में सैन्य शिविर के बाहर छोड़ते हुए कश्मीर घाटी चले गए थे।