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Jammu News: डोगरी भाषा में हो कर्चमारी चयन आयोग की परीक्षा
Mon, 23 Jan 2023 05:27 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Mon, 23 Jan 2023 05:27 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा अब पंद्रह भाषाओं में ली जाएगी। लेकिन इन भाषाओं में डोगरी को शामिल नहीं किया गया है, जिस कारण प्रदेश के छात्र नाराज हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से स्थानीय भाषा को शामिल करने की मांग उठाई है।
एसएससी की परीक्षा के लिए शामिल भाषाओं की घोषणा केंद्रीय मंत्री डॉ. जिंतेंद्र सिंह ने की है। इससे नाराज छात्रों का कहना है कि डोगरी को दरकिनार कर अन्य भाषाओं को जगह दी गई है। जारी परीक्षा सूची में डोगरी भाषा को दरकिनार किया गया है। डोगरी भाषा को भी मान्यता मिल चुकी है। छात्र सुनील ने बताया कि एसएससी की परीक्षा में जम्मू के छात्र भी शामिल होते हैं। अगर सरकार ने उनके लिए भी डोगरी में परीक्षा देने का प्रावधान रखा होता तो उन्हें खुशी होती। अभी सरकार के पास समय है। डोगरी में भी इस परीक्षा का प्रावधान रखा जाए। वहीं, मांग नहीं मानी तो आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। छात्रा अक्षी बलोरिया ने कहा कि डोगरी जम्मू की मुख्य भाषा है। अब इसे आधिकारिक भाषा अधिनियम जम्मू -कश्मीर में काम काज के लिए मान्यता मिल चुकी है। गूगल ने भी हाल ही में इसे स्वीकार किया है। लेकिन केंद्र सरकार ने इसे परीक्षा के मीडियम से निकाल दिया है। पड़ोसी राज्य पंजाब की भाषा पंजाबी को शामिल किया है। यह अन्याय है। सरकार को चाहिए कि डोगरी में भी परीक्षा का प्रावधान रखा जाए। छात्र राहुल ने कहा कि अन्य भाषाओं की तरह इस पर भी तवज्जो देनी चाहिए थी। अभी घोषणा हुई है। केंद्र सरकार डोगरी का सम्मान कर इसे परीक्षा माध्यम में शामिल करे। छात्रों ने डॉ. जितेंद्र सिंह से मांग की है कि इस संबंध में जल्द कदम उठाए जाएं।
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जम्मू। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा अब पंद्रह भाषाओं में ली जाएगी। लेकिन इन भाषाओं में डोगरी को शामिल नहीं किया गया है, जिस कारण प्रदेश के छात्र नाराज हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से स्थानीय भाषा को शामिल करने की मांग उठाई है।
एसएससी की परीक्षा के लिए शामिल भाषाओं की घोषणा केंद्रीय मंत्री डॉ. जिंतेंद्र सिंह ने की है। इससे नाराज छात्रों का कहना है कि डोगरी को दरकिनार कर अन्य भाषाओं को जगह दी गई है। जारी परीक्षा सूची में डोगरी भाषा को दरकिनार किया गया है। डोगरी भाषा को भी मान्यता मिल चुकी है। छात्र सुनील ने बताया कि एसएससी की परीक्षा में जम्मू के छात्र भी शामिल होते हैं। अगर सरकार ने उनके लिए भी डोगरी में परीक्षा देने का प्रावधान रखा होता तो उन्हें खुशी होती। अभी सरकार के पास समय है। डोगरी में भी इस परीक्षा का प्रावधान रखा जाए। वहीं, मांग नहीं मानी तो आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। छात्रा अक्षी बलोरिया ने कहा कि डोगरी जम्मू की मुख्य भाषा है। अब इसे आधिकारिक भाषा अधिनियम जम्मू -कश्मीर में काम काज के लिए मान्यता मिल चुकी है। गूगल ने भी हाल ही में इसे स्वीकार किया है। लेकिन केंद्र सरकार ने इसे परीक्षा के मीडियम से निकाल दिया है। पड़ोसी राज्य पंजाब की भाषा पंजाबी को शामिल किया है। यह अन्याय है। सरकार को चाहिए कि डोगरी में भी परीक्षा का प्रावधान रखा जाए। छात्र राहुल ने कहा कि अन्य भाषाओं की तरह इस पर भी तवज्जो देनी चाहिए थी। अभी घोषणा हुई है। केंद्र सरकार डोगरी का सम्मान कर इसे परीक्षा माध्यम में शामिल करे। छात्रों ने डॉ. जितेंद्र सिंह से मांग की है कि इस संबंध में जल्द कदम उठाए जाएं।
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