कश्मीर बाढ़ पीड़ितों के लिए सेनाध्यक्ष ने दिया था फर्जी चेक!
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जम्मू कश्मीर में पिछले साल आई भयंकर बाढ़ में सेना ने जो सराहनीय काम किया सभी उनके कायल हो गए थे। लेकिन अब सेना की ओर से कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों की मदद के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। एक आरटीआई के मुताबिक, सेना की ओर से प्रधानमंत्री राहत कोष में कोई रकम दान में नहीं दी है।
देहरादून के रहने वाले प्रभु डंडरियाल की ओर से पिछले दिनों एक आरटीआई दायर की गई थी। इस आरटीआई का जवाब देते हुए सेना ने कहा था कि प्रधानमंत्री राहत कोष में मार्च 2015 तक सैनिकों की ओर से कोई रकम नहीं दी गई।
जनरल सुहाग के चैक देने के चार महीनें बीत जाने के बाद भी अभी तक सेना की ओर से कोष मे कोई रकम नहीं पहुंची है। जबकि सेना ने दावा किया था कि जम्मू कश्मीर में बाढ़ पीड़ितों के लिए सेना की ओर से अब तक 100 करोड़ रुपए की मदद की जा चुकी है।
लेकिन आरटीआई के जबाव में कहा गया है कि मार्च 2015 तक सैनिकों के वेतन ना तो एक दिन का वेतन काटा गया है और ना ही इस तरह का कोई दान दिया गया है।
ऑफिसरों की सैलरी से एक दिन के वेतन की कटौती
सेना दिवस 15 जनवरी 2015 को सेना प्रमुख जनरल दलबीर सुहाग ने रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सैनिकों के एक दिन का वेतन 100 करोड़ के चेक के रूप में सौंपा था।
इस रकम में सेना के अधिकारी रैंक के ऑफिसरों की सैलरी से एक दिन के वेतन की कटौती की गई थी। हालंकि ऐसी भी खबरें आ रही है कि सेना के कुछ अधिकारियों ने सेना प्रमुख जनरल दलबीर सुहाग के इस आदेश का विरोध भी किया था।
सेना के अध्यक्ष ने रकम की चैक जनवरी में सौंपी थी लेकिन वेतन में कटौती मार्च से शुरु की गई। मार्च में सेना हेडक्वार्टर की ओर से सभी आर्मी कमांड को पत्र भेज कर इस तरह की कटौती के आदेश दिए गए थे।
इस रकम पर उठे सवाल
अगर सच में सैनिकों की सैलरी से एक दिन का वेतन नहीं काटा गया है तो फिर इतनी बड़ी रकम कहां से जुटाई गई है। इस पर सवाल खड़े होने शुरु हो गए हैं।
हालांकि अभी तक सेना के प्रवक्ता या किसी बड़े अधिकारी की ओर से इस खुलासे के बाद कोई सफाई नहीं आई है। रक्षा मंत्रालय ने भी अभी तक इस मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है।