फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   muncipal commeti

एमसी अधिकारियों पर सरकारी धन की बंदरबांट करने का आरोप

विज्ञापन
muncipal commeti
अखनूर में प्रेसवार्ता करते अतुल सूदन।
अखनूर। म्यूनिसिपल कमेटी (एमसी) के अधिकारियों पर सरकारी धन की बंदरबांट करने का आरोप लगाया गया है। इसका खुलासा एक आरटीआई से हुआ है। आरटीआई में कमेटी की आय और खर्च में अंतर दिखाया गया है। इस मामले को लेकर उपराज्यपाल से जांच कराए जाने की मांग की गई है।
विज्ञापन

छात्र नेता अतुल सूदन (राज्य उपप्रधान जम्मू ज्वाइंट स्टूडेंट्स फेडरेशन) ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि उन्होंने म्यूनिसिपल कमेटी की कार्यप्रणाली ठीक न होने पर आरटीआई लगाई, जिसमें उन्होंने कमेटी के राजस्व उत्पत्ति व मिलने वाले तमाम फंड्स की जानकारी मांगी व पूछा कि इसमें से कितना राजस्व खर्च किया जाता है और कहां और किस मद में लगाया जाता है। अतुल सूदन का आरोप है कि विभाग द्वारा दिए गए जवाब से एक बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि विभाग का राजस्व उत्पत्ति तो करोड़ों में दिखाई गई है, लेकिन खर्च का ब्योरा कुछ लाख रुपये का दिया गया है। उन्होंने कहा यद्यपि विभाग ने कुल खर्च लगभग पूरा दिखाया है, परंतु खर्च का ब्योरा देने में केवल चंद लाख रुपयों का ही ब्योरा दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग ने सच छुपाने की कोशिश की है, जिसके पीछे बड़ा घोटाला हो सकता है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि अखनूर म्यूनिसिपल कमेटी का ऑडिट होना चाहिये और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कमेटी द्वारा वर्ष 2017-18 में लगभग 2 करोड़ 32 लाख की राजस्व उत्पत्ति की गई। वर्ष 2018-19 में लगभग 2 करोड़ 9 लाख की तो 2019-20 में नवंबर तक लगभग 2 करोड़ 8 लाख की राजस्व उत्पत्ति की गई थी, और खर्च के नाम पर विभाग ने 2017-18 में केवल 34 लाख के खर्च का ब्योरा दिया है। 2018-19 में केवल 18 लाख व 2019-20 नवंबर तक 18 लाख के खर्च का ब्योरा दिया है, जबकि विभाग ने जोड़ के नाम पर खर्च पूरा दिखा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में कहीं न कहीं सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है जो जनता के साथ एक धोखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूदन ने बताया कि विभाग के जवाब के अनुसार वर्ष 2017 से 2019 तक 571 स्ट्रीट लाइट्स व एलईडी लाइट्स लगाई गई है। उन्होंने कहा कि इस ओर भी एक प्रश्न चिह्न लगता है, क्योंकि अगर 3 वर्ष में इतनी लाइट्स लगाई गई है तो आज भी अखनूर शहर में कई जगह अंधेरा क्यों है। उन्होंने कहा कि यह लाइट्स कहां-कहां लगाई गई और इसमें से कितनी अभी काम कर रही है। सूदन ने मांग की कि सरकारी धन का सदुपयोग होना चाहिये व उनके द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों की जांच होनी चाहिये व दोषी पाए जाने पर सख्त करवाई की जानी चाहिये। प्रेसवार्ता में उनके साथ सुशील शर्मा, रघुवीर सिंह भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed