मुफ्ती के जम्मू पहुंचते ही सियासी हलचल हुई तेज
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सरकार गठन को लेकर चल रही उठापटक के बीच पीडीपी संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद वीरवार की देर शाम जम्मू पहुंच गए। उनके पहुंचते ही सियासी हलचल तेज हो गई।
सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में रियासत की राजनीतिक अस्थिरता दूर करने की दिशा में सकारात्मक कदम बढ़ सकते हैं। हालांकि, आज उनकी पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से शिष्टाचार मुलाकात ही हुई। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में सरकार गठन को लेकर राज्यपाल और भाजपा नेताओं से उनकी बातचीत हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद लोकतांत्रिक सरकार के गठन के लिए सीटों के मामले में पार्टी नंबर एक पीडीपी और पार्टी नंबर टू भाजपा जल्दबाजी में नहीं हैं। दोनों पार्टियां फिलहाल वेट एंड वाच की रणनीति पर चल रही हैं।
राज्यसभा चुनाव के लिए भी बनने लगी रणनीति
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्टियों में अंदरखाने बातचीत का सिलसिला जारी है। फिलहाल पार्टियां राज्यसभा की चार सीटों के लिए होने वाले चुनाव की भी रणनीति बनाने में जुटी हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि रियासत में भाजपा को 25 सीटें और सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत हासिल हुआ है।
सरकार बनाने के लिए जनादेश मिला है। केंद्रीय नेतृत्व सरकार गठन के लिए बातचीत का सिलसिला जारी रखे हुए है। राज्यपाल शासन लग चुका है। इसलिए जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं होगा। उधर, पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर का कहना है कि पीडीपी रियासत के सियासी परिदृश्य पर करीबी नजर रखे हुए है।
फिलहाल कोई खास डेवलपमेंट सरकार गठन की दिशा में नहीं है। पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें हासिल हुई हैं। पार्टी चाहती है कि सरकार का गठन होने के बाद जनता की आकांक्षाओं को भी पूरा किया जाए।