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दो हजार से ज्यादा गन लाइसेंस की फाइलें पेंडिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 21 Jun 2015 01:41 PM IST
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जिला उपायुक्त कार्यालय में गन लाइसेंस लेने वालों की भीड़ जुट रही है। दूसरे राज्यों से लोग भी गन लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं। यही नहीं, जम्मू में एकाध किसी पर व्यक्तिगत रूप से अगर हमला हो जा रहा है तो वे लोग ऐसे में लाइसेंस वाले हथियार की जरूरत महसूस कर रहे हैं और डीसी कार्यालय में पहुंच कर आवेदन कर रहे हैं, जबकि गन लाइसेंस लेने की ठोस वजहें पूछी जा रही हैं।
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इसके अलावा गन लाइसेंस रिन्यू और ट्रांसफर करवाने के मामले भी उपायुक्त कार्यालय में पहुंच रहे हैं। जिला उपायुक्त कार्यालय में दो हजार से ज्यादा गन लाइसेंस के लिए आवेदन पहुंच चुके हैं, जिन पर अभी विचार-विमर्श किया जाना है। कार्यालय में बाहरी राज्यों के कुछ लोग भी पहुंच रहे हैं वैसे तो वे बेल्ट फोर्स के लोग हैं, लेकिन जम्मू कार्यालय से कुछ लोग लाइसेंस दिए जा चुके हैं तो उनके आधार पर वे भी लाइसेंस की मांग कर रहे हैं। इसमें थोड़ा असमंजस बना हुआ है।
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कुछ मामलों में स्थानीय लोगों द्वारा आवेदन किए गए हैं कारण पूछने पर उन्होंने खुद पर हमले होने की बात बताई है। इसके अलावा बहुत सारे लोग ऐसे पहुंच रहे हैं, जिनके लाइसेंस पहले के बने हैं, लेकिन अब उनकी उम्र हथियार उठाने की नहीं रही है।
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ऐसे में वे उसी गन लाइसेंस को अपने वारिसों के नाम कर रहे हैं, जिसके लिए उन्हें परिवार के अन्य भाई-बहनों से एनओसी लाकर देने को कहा जा रहा है, जिसमें यह लिखवाने की राय दी जा रही है कि पिता का लाइसेंस किसी एक विशेष के नाम कर देने पर बाकी सदस्यों को कोई आपत्ति नहीं है।
जिला उपायुक्त सिमरनदीप सिंह के मुताबिक गन लाइसेंस रिन्यू किए जा रहे हैं, नए लाइसेंस जारी करना इतना आसान नहीं है। उचित और बहुत ठोस कारण बताने वालों के मामले ही पुलिस वैरीफिकेशन के लिए भेजे जाएंगे।