जम्मू कश्मीर के 40 फीसदी से अधिक अंडर सेक्रेटरी डिफाल्टर
- 40 फीसदी से अधिक अंडर सेक्रेटरी एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सालाना प्रापर्टी रिटर्न दाखिल नहीं किया।
- रियासत में 164 अंडर सेक्रेटरी, प्रशासनिक अधिकारी, एचओडी तथा प्राइवेट सेक्रेटरी हैं।
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रियासत के 40 फीसदी से अधिक अंडर सेक्रेटरी एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सालाना प्रापर्टी रिटर्न दाखिल नहीं किया है। प्रशासन ने इन्हें डिफाल्टर घोषित कर दिया है। जीएडी ने इन्हें नोटिस जारी कर मंगलवार तक प्रापर्टी रिटर्न दाखिल करने की मोहलत दी है।
माना जा रहा है कि मियाद खत्म होने के बाद भी अगर अधिकारियों ने रिटर्न दाखिल नहीं किया तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। रियासत में 164 अंडर सेक्रेटरी, प्रशासनिक अधिकारी, एचओडी तथा प्राइवेट सेक्रेटरी हैं।
इनमें से 93 ने संपत्ति का ब्योरा दाखिल कर दिया है जबकि 71 ने ब्योरा नहीं दिया है। अंडर सेक्रेटरी स्तर के 51 अधिकारियों में से 21 ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है जिन्हें डिफाल्टर घोषित किया गया है।
23 प्रशासनिक अफसरों में से 14 ने संपत्ति का ब्योरा दिया है और 9 ने अब तक नहीं दिया है। 40 एचओडी प्राइवेट सेक्रेटरी में से 21 ने ब्योरा नहीं दिया है जबकि 19 ने समय से ब्योरा दे दिया है। प्राइवेट सेक्रेटरी के 50 पदों पर तैनात लोगों में से 20 ने संपत्ति ब्योरा नहीं दिया है।
11 आईएएस और 176 केएएस भी थे डिफाल्टर
जम्मू एंड कश्मीर पब्लिक मैन एंड पब्लिक सर्वेंट्स डिक्लरेशन आफ एसेट्स एंड अदर प्रोविजन एक्ट 1983 के तहत प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को उनके तथा उनके परिवार के सदस्यों की संपत्ति का ब्योरा जनवरी में जमा करने का प्रावधान है।
संपत्तियों का ब्योरा तयशुदा फार्मेट में जमा करना होता है। इसमें चल संपत्ति जिसकी कीमत 20 हजार रुपये से अधिक हो, का भी ब्योरा देना होगा। सरकार की ओर से इन अधिकारियों को जारी नोटिस में कहा गया है कि वर्ष 2015 का सालाना प्रापर्टी रिटर्न हर हाल में आठ मार्च तक दाखिल कर दिया जाए।
सालाना प्रापर्टी रिटर्न दाखिल करने में रियासत के 11 आईएएस अफसर भी विफल रहे थे। इसके साथ ही 515 केएएस अफसरों में से 176 ने प्रापर्टी रिटर्न दाखिल नहीं किया था। डिफाल्टरों को रिटर्न दाखिल करने का अंतिम मौका दिया गया है। रियासत के कुल 339 अफसरों ने सालाना संपत्ति का ब्योरा दाखिल किया है। जबकि शासन की ओर से सभी अधिकारियों को ब्योरा दाखिल करने के स्पष्ट निर्देश थे।