हाफिज की सभा की सुरक्षा ड्यूटी में शामिल था आतंकी नावेद
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पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद नावेद याकूब आतंकी गुट जमात उद दावा की एक सभा की सुरक्षा ड्यूटी में शामिल था। मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के नेतृत्व वाले जमात की सभा पिछले साल दिसंबर में लाहौर में मीनार-ए-पाकिस्तान में हुई थी।
आतंकी हमला करने आए नावेद को पिछले महीने जम्मू कश्मीर के उधमपुर में दो युवकों ने जिंदा पकड़कर सुरक्षा बलों के हवाले किया था।यह जानकारी एनएसए स्तर की वार्ता के दौरान पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज को सौंपे जाने वाले डॉजियर में शामिल की गई थी लेकिन पाक के रवैये के चलते यह वार्ता ही स्थगित कर दी गई।
डॉजियर के मुताबिक, नावेद को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद के जंगल में लश्कर ए ताइबा के कैंप में हथियारों की ट्रेनिंग दी गई थी। इस कैंप में कुल 40 लड़कों को ट्रेनिंग दी गई।
सुरक्षा के लिए 40 आतंकियों का समूह आया था
डॉजियर के अनुसार, इस ट्रेनिंग के खत्म होने से पहले दिसंबर 2014 की शुरुआत में जमात उद दावा ने लाहौर के मीनार-ए-पाकिस्तान में एक सभा (इज्तेमा) की थी। इस सभा की सुरक्षा के लिए नावेद समेत सभी 40 प्रशिक्षणरत आतंकियों को भेजा गया था। लश्कर ए ताइबा आतंकी गुट का संस्थापक हाफिज सईद जमात उद दावा का भी सरगना है।
डॉजियर में उन 17 पाकिस्तानियों के भी नाम हैं जिन्होंने नावेद को वर्ष 2011 से पाकिस्तान में तीन अलग-अलग आतंकी कैंपों में ट्रेनिंग दी थी। साथ ही 12 पाकिस्तानी आतंकियों के भी नाम हैं जिन्हें नावेद के साथ ट्रेनिंग मिली थी।
डॉजियर में नावेद द्वारा जोंग सर्विस प्रदाता कंपनी का नंबर भी है जिसका इस्तेमाल वह पाकिस्तान में रहने के दौरान करता था। सरकार नावेद के नंबर की कॉल डिटेल हासिल करने के लिए अमेरिका की मदद लेने पर विचार कर रही है, जिससे उसके पाकिस्तानी होने के सबूत और पुख्ता हो सकें।
नावेद को अपना नागरिक मानने से इनकार कर रहे पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए डॉजियर में कहा गया है कि नावेद का पहचान पत्र पाकिस्तानी नेशनल डाटाबेस और रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी द्वारा वर्ष 2014 में जारी किया गया था।