शिक्षक दिवस पर मोदी की पाठशाला पर तकरार
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शिक्षक दिवस पर देशभर के स्कूलों में मोदी के भाषण को टीवी अथवा रेडियो पर सीधे प्रसारण के मुद्दे को लेकर राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है। भाजपा जहां इसका बचाव कर रही है वहीं विरोधी दलों ने इसकी आलोचना शुरू कर दी है।
भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष तथा सांसद जुगल किशोर शर्मा ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि इससे बच्चों में देश को जानने का अच्छा अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें अपने प्रधानमंत्री से रूबरू होने का मौका भी मिल सकेगा।
कहा कि अच्छी बातें सुनकर अच्छा चरित्र निर्माण होगा। बच्चों को ही देश की बागडोर संभालनी है, जिससे बच्चों में देशभक्ति का भाव जगाना जरूरी है। इस महान उद्देश्य में कोई सियासी दल अड़ंगा डालता है तो यह निंदनीय है।
कांग्रेस और पैंथर्स पार्टी ने उठाए सवाल
दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि मोदी प्रधानमंत्री हैं। संदेश दें लेकिन इस समय गांवों के स्कूलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है, भवन नहीं, शिक्षक नहीं हैं। गांवों में बिजली नहीं है, शहरों में बिजली कटौती है।
ऐसे में संदेश की नहीं, काम करने की जरूरत है। अगर प्रधानमंत्री डा. राधाकृष्णन का संदेश देते तो अच्छा रहता, लेकिन राजनीतिकरण हो रहा है। उधर, राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं पैंथर्स पार्टी चेयरमैन, विधायक हर्ष देव सिंह का कहना है कि शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को पैगाम दिया जाना चाहिए।
स्कूलों में टीवी या रेडियो की सुविधा तो है नहीं, ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी अपना भाषण स्कूलों में बच्चों तक पहुंचाना चाहते हैं। सबसे पहले ढांचागत सुविधाएं मुहैया करवाए जाने की जरूरत है।