'मोदी और राजनाथ की नीयत ठीक नहीं', जानिए क्यों
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनावों से पहले रियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पर निशाना साधते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रोफेसर सैफुद्दीन सोज ने करारा हमला किया है।
सोज ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तरह इंसानियत के नाम पर कश्मीर मसले का हल यह दोनों नेता नहीं कर सकते। मोदी और राजनाथ की नीयत ठीक नहीं है।
लिहाजा, जम्मू-कश्मीर में हर फोरम और मौके पर भाजपा को कांग्रेस बेनकाब करेगी।
'वाजपेयी के तजुर्बे से सबक लें मोदी'
एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रो. सोज ने कहा कि वाजपेयी एक अलग शख्सियत हैं। वाजपेयी की तुलना मोदी और राजनाथ से नहीं हो सकती। यह दोनों नेता अनुच्छेद 370 को हटाने की बात करते हैं। देश की संसद भी इसको नहीं हटा सकती, जब तक जम्मू-कश्मीर के लोग नहीं चाहें।
प्रो सोज ने कहा कि अगर अनुच्छेद 370 हटना होता तो वाजपेयी साढ़े छह साल तक प्रधानमंत्री रहे, तब हट गया होता। इसलिए बेहतर होगा कि केंद्र की मौजूदा सरकार वाजपेयी के तजुर्बे से सबक ले।
उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार देश को सांप्रदायिक बनाने पर तुली है, लेकिन आज हिंदू समाज भी मोदी और राजनाथ के नापाक मंसूबों को समझकर इसका विरोध कर रहा है। भाजपा ने हमेशा अपने घोषणापत्र में राम मंदिर, समान आचार संहिता और अनुच्छेद 370 पर अवाम को वादे कर गुमराह किया।
सिर्फ बातचीत से हल होगी कश्मीर समस्या
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने नेकां का नाम लिए बगैर कहा कि कश्मीर मसले का हल स्वायत्तता से नहीं, वार्ता से होगा। कोई भी वार्ता के रास्ते पर चले, इसकी पैरवी वह करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सच्चाई के रस्ते पर चलती है। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख से कांग्रेस ने ही इंसाफ किया है और भविष्य में भी करेंगे।
इसलिए पार्टी कैडर और अवाम भाजपा के किसी प्रकार के छलावे में न आए। प्रो. सोज ने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए गुजरात से कुछ इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनें मंगवाने की बात चुनाव आयोग द्वारा उन्होंने भी सुनी है। इसकी पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही वह कुछ बोलेंगे।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव की तैयारियों से संबंधित जल्द की प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। कार्यकर्ताओं की संगठनात्मक समस्याओं का निपटारा इस कक्ष के जरिये होगा।
हुर्रियत नेताओं का इलाज पाकिस्तानी दूतावास में नहीं
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रोफेसर सोज ने कहा कि हुर्रियत नेताओं के दिल्ली दौरे के दौरान पाकिस्तानी दूतावास में होने वाली बैठकों से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है।
हुर्रियत नेताओं के मर्ज का इलाज पाकिस्तानी दूतावास में नहीं है। हुर्रियत नेताओं के पाकिस्तानी दूतावास में जाने को उन्होंने कभी पंसद नहीं किया। कांग्रेस ने केंद्र की सत्ता में रहते हुए भी कभी इसका समर्थन नहीं किया था।
सवाल यह है कि इससे फायदा कोई नहीं होगा। हुर्रियत नेता केंद्र सरकार से बात करें, वार्ता के दरवाजे खोले वह खुद इसकी पैरवी करेंगे।