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Jammu News: सांबा में 5 करोड़ की आधुनिक इमारत दो साल से बंद
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करोड़ों रुपये की हो रही बर्बादी : खंडहर बनने की कगार पर सरकारी संपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। शहर के मुख्य बस अड्डा पर नगर परिषद की ओर से करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई आलीशान दो मंजिला इमारत पिछले दो वर्षों से सफेद हाथी साबित हो रही है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन को मॉल की तर्ज पर स्थानीय लोगों को खरीदारी की बेहतर सुविधा देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। लेकिन विडंबना यह है कि निर्माण कार्य पूरी तरह मुकम्मल होने के बाद भी यह इमारत अभी तक धूल फांक रही है।
खंडहर बनने का खतरा, देखरेख के अभाव में टूट रहे शीशे
स्थानीय निवासी अश्वनी कुमार, विनोद कुमार, रघुवीर सिंह और राज सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई यह भव्य इमारत अब धीरे-धीरे खराब होने लगी है। यदि जल्द ही इसका उपयोग शुरू नहीं किया गया तो आने वाले समय में यह पूरी तरह खंडहर में बदल जाएगी। लोगों ने बताया कि कुछ माह पहले तेज बारिश और आंधी के कारण इस बहुमंजिला भवन के कई कीमती शीशे टूट गए थे, जिन्हें जनआक्रोश के बाद दोबारा ठीक तो करवाया गया, लेकिन इमारत को क्रियाशील करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को लग रहा ग्रहण
स्थानीय दुकानदारों और बस अड्डे के आसपास रहने वाले लोगों के अनुसार, सांबा शहर में पिछले कुछ समय से कई बड़े निजी मॉल और दुकानें खुल रही हैं, जहां ग्राहकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। इसी तर्ज पर नगर परिषद द्वारा निर्मित इस सरकारी मॉल से भी स्थानीय व्यापारियों को काफी उम्मीदें थीं। उनका मानना था कि यहां व्यापारिक गतिविधियां शुरू होने से पूरे बाजार को फायदा पहुंचेगा और बेरोजगार स्थानीय युवाओं को आजीविका के नए साधन मिलेंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि टेंडर प्रक्रिया को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
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दो बार विफल रही प्रक्रिया, अब तीसरी बार उम्मीद : सीईओ
इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए नगर परिषद सांबा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जोध राज ने बताया कि विभाग इस इमारत को चालू करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा, नगर परिषद ने इस भवन को अलॉट करने के लिए पहले दो बार टेंडर जारी किए थे, लेकिन दुर्भाग्यवश किसी भी वेंडर या एजेंसी ने टेंडर नहीं भरा। अब विभाग की ओर से तीसरी बार टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। जैसे ही इस बार टेंडर की प्रक्रिया पूरी होगी, उसके तुरंत बाद इमारत को विधिवत चालू कर दिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। शहर के मुख्य बस अड्डा पर नगर परिषद की ओर से करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई आलीशान दो मंजिला इमारत पिछले दो वर्षों से सफेद हाथी साबित हो रही है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन को मॉल की तर्ज पर स्थानीय लोगों को खरीदारी की बेहतर सुविधा देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। लेकिन विडंबना यह है कि निर्माण कार्य पूरी तरह मुकम्मल होने के बाद भी यह इमारत अभी तक धूल फांक रही है।
खंडहर बनने का खतरा, देखरेख के अभाव में टूट रहे शीशे
स्थानीय निवासी अश्वनी कुमार, विनोद कुमार, रघुवीर सिंह और राज सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई यह भव्य इमारत अब धीरे-धीरे खराब होने लगी है। यदि जल्द ही इसका उपयोग शुरू नहीं किया गया तो आने वाले समय में यह पूरी तरह खंडहर में बदल जाएगी। लोगों ने बताया कि कुछ माह पहले तेज बारिश और आंधी के कारण इस बहुमंजिला भवन के कई कीमती शीशे टूट गए थे, जिन्हें जनआक्रोश के बाद दोबारा ठीक तो करवाया गया, लेकिन इमारत को क्रियाशील करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को लग रहा ग्रहण
स्थानीय दुकानदारों और बस अड्डे के आसपास रहने वाले लोगों के अनुसार, सांबा शहर में पिछले कुछ समय से कई बड़े निजी मॉल और दुकानें खुल रही हैं, जहां ग्राहकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। इसी तर्ज पर नगर परिषद द्वारा निर्मित इस सरकारी मॉल से भी स्थानीय व्यापारियों को काफी उम्मीदें थीं। उनका मानना था कि यहां व्यापारिक गतिविधियां शुरू होने से पूरे बाजार को फायदा पहुंचेगा और बेरोजगार स्थानीय युवाओं को आजीविका के नए साधन मिलेंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि टेंडर प्रक्रिया को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
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दो बार विफल रही प्रक्रिया, अब तीसरी बार उम्मीद : सीईओ
इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए नगर परिषद सांबा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जोध राज ने बताया कि विभाग इस इमारत को चालू करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा, नगर परिषद ने इस भवन को अलॉट करने के लिए पहले दो बार टेंडर जारी किए थे, लेकिन दुर्भाग्यवश किसी भी वेंडर या एजेंसी ने टेंडर नहीं भरा। अब विभाग की ओर से तीसरी बार टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। जैसे ही इस बार टेंडर की प्रक्रिया पूरी होगी, उसके तुरंत बाद इमारत को विधिवत चालू कर दिया जाएगा।