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संवेदनशीलता ही सभी काव्य रचनाओं का आधार : डॉ. कौर
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जम्मू कला केंद्र में युवा हिंदी लेखक संघ की तरफ से आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम में भाग लेते साह
- युवा हिंदी लेखक संघ ने जम्मू कला केंद्र में आयोजित किया साहित्यिक कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। युवा हिंदी लेखक संघ ने रविवार को जम्मू कला केंद्र में महिला लेखकों की कविता और जम्मू में समकालीन हिंदी कविता विषय पर साहित्यिक कार्यक्रम करवाया। दो सत्रों में हुए कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. ललित मगोत्रा मुख्य अतिथि रहे।
जम्मू विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. परविंदर कौर ने कहा कि संवेदनशीलता सभी काव्य रचनाओं का आधार होती है। उन्होंने हिंदी साहित्य के आलोचनात्मक मूल्यांकन और कविता लेखन में डॉ. अशोक कुमार के योगदान की भी सराहना की। महिला लेखकों की कविताओं में बचपन की भावनाओं को जीवन भर संजोए रखने और मोक्ष की ओर प्रवृत्ति जैसे भाव देखने को मिलते हैं। दूसरे सत्र में कल्पना जसरोटिया ने शेख मोहम्मद कल्याण की हिंदी कविता और नरेश कुमारी ने डॉ. पुरुषोत्तम कुमार की हिंदी कविता पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए। परिचर्चा में राजीव शर्मा, डॉ. जावेद राही, कल्पना जसरोटिया और नरेश कुमारी ने विचार रखे। दोनों सत्रों का संचालन मोहम्मद कल्याण और अमिता मेहता ने किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। युवा हिंदी लेखक संघ ने रविवार को जम्मू कला केंद्र में महिला लेखकों की कविता और जम्मू में समकालीन हिंदी कविता विषय पर साहित्यिक कार्यक्रम करवाया। दो सत्रों में हुए कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. ललित मगोत्रा मुख्य अतिथि रहे।
जम्मू विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. परविंदर कौर ने कहा कि संवेदनशीलता सभी काव्य रचनाओं का आधार होती है। उन्होंने हिंदी साहित्य के आलोचनात्मक मूल्यांकन और कविता लेखन में डॉ. अशोक कुमार के योगदान की भी सराहना की। महिला लेखकों की कविताओं में बचपन की भावनाओं को जीवन भर संजोए रखने और मोक्ष की ओर प्रवृत्ति जैसे भाव देखने को मिलते हैं। दूसरे सत्र में कल्पना जसरोटिया ने शेख मोहम्मद कल्याण की हिंदी कविता और नरेश कुमारी ने डॉ. पुरुषोत्तम कुमार की हिंदी कविता पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए। परिचर्चा में राजीव शर्मा, डॉ. जावेद राही, कल्पना जसरोटिया और नरेश कुमारी ने विचार रखे। दोनों सत्रों का संचालन मोहम्मद कल्याण और अमिता मेहता ने किया।
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