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नहीं बंटे छत्तीसगढ़ से आए चावल, अनशन पर विधायक
ब्यूरो/अमर उजाला, उधमपुर
Updated Thu, 02 Oct 2014 11:57 PM IST
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छत्तीसगढ़ से आए चावल को वितरित करने में विफल रहे जिला प्रशासन के खिलाफ विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने मोर्चा खोल दिया है। विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को कोर्ट रोड पर तीन दिन तक अनशन शुरू किया और प्रशासन से दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
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जम्मू कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के सुप्रीमो प्रो. भीम सिंह ने विधायक और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सरकार को चेताया। उनके अनुसार सरकार राहत कार्य चलाने में विफल रही है। करोड़ों रुपये के राशन को जो प्रशासन संभाल नहीं सका। उस प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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सरकार द्वारा राहत कार्यों में भेदभाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने याचिका पेश की थी। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि राहत सामग्र्री व राशि एक समान दोनों संभाग में बांटी जाए। पैंथर्स पार्टी आम लोगों के साथ है और उनके हकों की लड़ाई के लिए हमेशा तैयार है।
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अनशन के दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विधायक बलवंत सिंह ने कहा कि अगर इन चावलों को वितरित नहीं किया गया तो उनका आंदोलन उग्र हो जाएगा। सद्दल गांव में भूस्खलन के कारण 28 लोगों की मौत हो गई। तीन सितंबर से हुए हादसे के बाद छह सितंबर तक प्रशासन नदारद रहा।
उन्होंने सवाल उठाया कि तीन से छह सितंबर तक प्रशासन कहां रहा। सद्दल में हुई मौत का जिम्मेदार कौन? छत्तीसगढ़ और दूसरे प्रदेशों से आए राशन व चावल की बर्बादी का जिम्मेदार कौन?
जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों को तुरंत टेंट व मुआवजा जारी किया जाए। जम्मू कश्मीर में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। हर पंचायत में मेडिकल कैंप लगाया जाए।