जम्मू कश्मीर में आम बजट पर लोगों ने दी मिली जुली प्रतिक्रिया, कोई खुश तो कोई मायूस
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केंद्र सरकार के बजट पर उद्यमी और कारोबारी मायूस हैं। न तो करों में कोई खास छूट दी गई और न ही रियासत के लिए कोई विशेष पैकेज दिया गया। आम लोगों को भी कोई खास राहत नहीं मिली। बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान ललित महाजन का कहना है कि बजट से उद्यमियों को बहुत मायूसी मिली हैं।
टैक्स स्लैब में जितनी छूट होनी चाहिए थी, उतनी नहीं है। न ही रियासत के लिए कोई विशेष पैकेज दिया गया। जम्मू कश्मीर ने पिछले आठ साल के दौरान बहुत नुकसान झेला है। इसका सबसे ज्यादा असर उद्यमियों पर पड़ा है। न ही जीएसटी की दरों को रियासत से अलग किया गया न ही उद्यमियों को टैक्स में कोई रियायत है। इससे बहुत मायूसी मिली है।
ट्रेडर फेडरेशन के प्रधान यशपाल गुप्ता का कहना है कि कम से कम पांच लाख रुपये तक टैक्स माफ होना चाहिए था। उन्हें उम्मीद थी कि टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव किया जाएगा। पांच लाख तक पांच फीसदी की छूट का कोई खास असर नहीं पड़ेगा। पांच लाख, दस लाख से ऊपर के टैक्स में छूट होनी चाहिए थी। आम लोगों को भी इस टैक्स से कोई खास फायदा नहीं मिलेगा। कुछेक योजनाएं हैं, जो आमजन के हित में हो सकती हैं। लेकिन कुल मिलाकर मायूसी ही हाथ लगी।
इनकम टैक्स में छूट मिलने पर सरकारी कर्मचारी खुश
केंद्र सरकार के बजट में इनकम टैक्स में छूट मिलने पर सरकारी कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। कर्मचारियों का कहना है कि कई वर्ष के बाद सरकार ने छोटे कर्मचारियों के हित में कोई निर्णय लिया है। इसका सभी स्वागत करते हैं, लेकिन इसके साथ अन्य मांगों को भी पूरा करना चाहिए।
जेएंडके नेशनल ट्रेड यूनियन के फ्रंट के राज्य अध्यक्ष मोहम्मद गफूर डार ने कहा कि तीन लाख तक की आमदनी में टैक्स माफ करना और तीन से पांच लाख की आमदनी में पांच प्रतिशत टैक्स लगाने का निर्णय सराहनीय है। कर्मचारियों के वेतन का बड़ा हिस्सा टैक्स देने में चला जाता था, लेकिन अब इसमें राहत मिली है। जिससे कर्मचारी कुछ बचत कर सकेंगे।
सभी कर्मचारियों को इसका स्वागत करना चाहिए। जम्मू कश्मीर आरईटी टीचर्स फोरम के राज्य उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने टैक्स माफ करके शानदार कदम उठाया है। धीरे-धीरे सरकार कर्मचारियों के हित में निर्णय लेने लगी है। सरकार ने कर्मचारियों की परेशानियों को समझ कर यह कदम उठाया है। सरकार को अब अन्य मांगों की तरफ भी ध्यान देना होगा, क्योंकि सबसे ज्यादा कर्मचारी परेशानियों से जूझ रहे हैं।
बजट में छोटे कर्मचारियों के लिए राहत
जम्मू कश्मीर एंड लद्दाख आल डिपार्टमेंट क्लेरिकल एसोसिएशन के संभागीय प्रधान रवि सिंह भाउ ने कहा कि इस बार का बजट छोटे कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है। उनकी एसोसिएशन इसको सराहती है, लेकिन आसमान छूती महंगाई को देखते हुए सरकार को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करनी चाहिए थी।
बीएसएनएल कर्मचारी सुनील खंजाची ने कहा कि सरकार ने छोटे कर्मचारियों को तो राहत प्रदान की है, लेकिन सात लाख से ज्यादा की आमदनी वाले कर्मचारियों पर सरचार्ज बढ़ाकर परेशानी पैदा कर दी है। बीएसएनएल कर्मचारी इस बजट से ज्यादा खुश नहीं है।