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तीन माह बाद महिला को अपना परिवार मिला
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जम्मू। तमिलनाडु से भटक कर जम्मू पहुंची एक मानसिक विक्षिप्त महिला को तीन महीने बाद अपना परिवार मिल गया है। जम्मू में साइकाइटरी अस्पताल में इलाज के बाद ठीक होने पर महिला ने अपने परिवार के बारे में बताया। इसके बाद पुलिस की देखरेख में महिला को शुक्रवार रात ट्रेन से उसके घर के लिए रवाना किया गया।
सरवाल पुलिस ने महिला को 14 दिसंबर 2019 को साइकाइटरी अस्पताल में मानसिक रूप से बीमार होने पर भर्ती कराया था। इससे पहले एसएमजीएस अस्पताल में उसने मृत बच्चे को जन्म दिया था। जिला लीगल सर्विस अथॉरिटी जम्मू के सचिव के निर्देश और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से महिला की मदद की गई। जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. सुनंदा रैना ने साइकाइटरी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. कीर्ति भूषण को महिला की विशेष देखभाल करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डॉक्टरों की टीम में डॉ. मनु अरोड़ा, डॉ. राकेश बंसल, डॉ. अभिषेक चौहान, डॉ. राजेंद्र शर्मा, डॉ. रामेश्वर और अन्य स्टाफ से महिला को इलाज देने के साथ उसकी तीमारदारी की। उसके ठीक होने के साथ सामाजिक कार्यकर्ता अख्तर उल निसा ने उसके परिवार को खोजने का काम किया। धीरे धीरे महिला से उसके परिवार के बारे में पूछा गया और आखिरकार उसने सारी कहानी बताई। उसने बताया कि वह मदुराई की रहने वाली है। पुलिस की मदद से उसके परिवार को खोज निकाला गया। अधीक्षक डॉ. भूषण ने बताया कि अस्पताल स्टाफ के प्रयासों और अन्य विभागों के सहयोग से महिला को नया जीवन मिलने के साथ अपने परिवार के साथ मिलाप हो सका है। अस्पताल में पहले भी कई ऐसे मरीजों को नया जीवन दिया गया है।
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सरवाल पुलिस ने महिला को 14 दिसंबर 2019 को साइकाइटरी अस्पताल में मानसिक रूप से बीमार होने पर भर्ती कराया था। इससे पहले एसएमजीएस अस्पताल में उसने मृत बच्चे को जन्म दिया था। जिला लीगल सर्विस अथॉरिटी जम्मू के सचिव के निर्देश और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से महिला की मदद की गई। जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. सुनंदा रैना ने साइकाइटरी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. कीर्ति भूषण को महिला की विशेष देखभाल करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डॉक्टरों की टीम में डॉ. मनु अरोड़ा, डॉ. राकेश बंसल, डॉ. अभिषेक चौहान, डॉ. राजेंद्र शर्मा, डॉ. रामेश्वर और अन्य स्टाफ से महिला को इलाज देने के साथ उसकी तीमारदारी की। उसके ठीक होने के साथ सामाजिक कार्यकर्ता अख्तर उल निसा ने उसके परिवार को खोजने का काम किया। धीरे धीरे महिला से उसके परिवार के बारे में पूछा गया और आखिरकार उसने सारी कहानी बताई। उसने बताया कि वह मदुराई की रहने वाली है। पुलिस की मदद से उसके परिवार को खोज निकाला गया। अधीक्षक डॉ. भूषण ने बताया कि अस्पताल स्टाफ के प्रयासों और अन्य विभागों के सहयोग से महिला को नया जीवन मिलने के साथ अपने परिवार के साथ मिलाप हो सका है। अस्पताल में पहले भी कई ऐसे मरीजों को नया जीवन दिया गया है।
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