क्या इस काम के लिए भी मोदी को आना होगा?
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राजोरी के लोगों का एक छत के नीचे सभी सरकारी विभागों में कार्य करवाने का सपना पूरा होता नजर नहीं आ रहा। अब तो लोग यह तक कहने लगे हैं कि क्या इस काम के लिए भी प्रधानमंत्री मोदी को आना पड़ेगा।
करीब तीन साल पहले राजोरी में बनाए जाने वाले मिनी सचिवालय का इस साल बनना संभव नहीं। राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते मिनी सचिवालय की योजना अधर में लटक गई है।
दरअसल, अब तक मिनी सचिवालय के लिए कोई जगह ही निर्धारित नहीं की गई है। राजोरी के विधायकों की राय लेकर यह जगह चुनी जानी है, लेकिन अब तक इस पर कोई काम नहीं हुआ।
लोगों ने छोड़ी उम्मीद
यह साल भी पहले संसदीय चुनाव में गुजरा और अब विस चुनाव में गुजर जाएगा। ऐसे में इस साल भी मिनी सचिवालय का बनना संभव नहीं लग रहा।
जानकारी के अनुसार, करीब तीन साल पहले राज्य सरकार ने राजोरी में मिनी सचिवालय बनाने की घोषणा की थी। ताकि राज्य के सभी सरकारी विभागों के जिला कार्यालय एक ही जगह स्थापित हों।
जिससे इस पहाड़ी जिले के दूर दराज क्षेत्रों से आने वाले लोगों को अपने कार्य करवाने के लिए दरबदर न होना पड़े। मौजूदा समय में डीसी कार्यालय और डीआईजी कार्यालय ही एक साथ हैं।
अभी तक नहीं मिल सकी जगह
इसके अलावा सभी विभागों के कार्यालय अलग-अलग जगहों पर है। पहाड़ों से आने वाले लोगों को यदि किन्हीं दो विभागों में कोई कार्य करवाना हो तो सारा दिन बीत जाता है।
राजोरी के अतिरिक्त उपायुक्त सलीम मलिक का कहना है कि मिनी सचिवालय को लेकर अभी जगह निर्धारित की जानी है। जगह निर्धारित होते ही इसका काम शुरू कर दिया जाएगा।
हालांकि प्रशासन के पास इसका फंड उपलब्ध है। वहीं इस साल लोकसभा चुनाव हुए और इसके बाद विधानसभा चुनाव शुरू हो जाएंगे। ऐसे में मिनी सचिवालय का काम होना संभव नहीं दिख रहा।