कुपवाड़ा में सेना का आपरेशन 20वें दिन भी जारी
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उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकियों के खिलाफ सेना का आपरेशन लगातार जारी है। एलओसी के करीब स्थित जिले के मनिगाह क्षेत्र में यह आपरेशन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा।
इलाके के जंगल क्षेत्र और बस्ती में लगातार तलाशी अभियान जारी है, ताकि जल्द आतंकियों को मार गिराया जाए। उल्लेखनीय बात यह है कि इलाका काफी कठिन है, जिस वजह से आपरेशन को अंजाम देने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
जानकारी के अनुसार बुधवार को मनिगाह क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध को हटाया गया, जिसके चलते कुपवाड़ा जिले के हैहामा और अन्य इलाकों में स्कूल दोबारा से खुले और बच्चे पढ़ने के लिए करीब दो सप्ताह से अधिक समय के बाद जा सके।
इसके अलावा हाजिनाका, सोनिवली, सग्निपीर, तन्ना, बिरबल, चुटवान की बस्तियों में लोगों को शाम 6 बजे तक आने-जाने की अनुमति दी गई। इन इलाकों में लगातार तलाशी अभियान और घेराबंदी जारी थी।
इन इलाकों में लोगों ने भले ही राहत की सांस ली हो, लेकिन उनका कहना है कि सेना या तो क्षेत्र में आपरेशन को स्थगित कर दे या फिर जल्द से जल्द इसे अंजाम दे, क्योंकि उनके अनुसार इस सबके चलते लोगों में दहशत है।
विशेष पैरा कमांडोज को वापिस भेजे गए
स्थानीय नागरिक मोहम्मद रमजान के अनुसार सेना ध्यान से आपरेशन को अंजाम दे रही है, लेकिन अगर मुठभेड़ शुरू होती है तो यह नहीं पता कि किसे गोली लगेगी। सेना के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आपरेशन अब तक के लंबे चले आपरेशन में से एक है और इसके लंबे खिंचने के पीछे एक बड़ा कारण है कि सेना नहीं चाहती कि स्थानीय लोगों का नुकसान हो।
उनके अनुसार इस ऑपरेशन को अभी तक सेना की 41 आरआर, चार पैरा और नौ पैरा के अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसओजी द्वारा अंजाम दिया जा रहा था, लेकिन अब विशेष पैरा कमांडोज को वापिस भेज दिया गया है, जबकि सेना की 41 आरआर के अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसओजी के जवान अभी भी इलाके में तलाशी जारी रखे हुए है।
मनिगाह में लगातार पिछले दो हफ्तों से अधिक समय से जारी इस आपरेशन के दौरान आतंकी करीब चार बार विभिन्न जगहों पर चकमा देकर फरार होने में कामयाब हुए हैं। 14 नवंबर को मुठभेड़ में इसी इलाके में सेना के कर्नल संतोष महादिक शहीद हुए थे। इसके अलावा तीन सेना के और एक एसओजी का जवान भी घायल हुआ था।