एलओसी पर बीएसफ और आतंकियों के बीच मुठभेड़
पाक की तरफ से मंगलवार दोपहर को अखनूर के पलांवाला सेक्टर में एलओसी पर फायरिंग की आड़ में घुसपैठ का प्रयास किया गया। भारतीय जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब देते हुए आतंकियों को भागने पर मजबूर कर दिया।
फायरिंग में सेना का एक जवान घायल हुआ है। जवान को सतवारी स्थित आर्मी अस्पताल में एयरलिफ्ट कर पहुंचाया गया। यहां उसका उपचार चल रहा है। घटना के बाद सेना ने पूरे इलाके में सर्च आपरेशन चलाया।
जानकारी के अनुसार पलांवाला सेक्टर में मंगलवार दोपहर को करीब साढे 12 बजे पाक की तरफ से एलओसी की नलवा पोस्ट को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने देखा कि तीन से चार आतंकी सीमा से भारतीय क्षेत्र में घुसने का प्रयास कर रहे हैं। जवानों द्वारा जवाबी फायरिंग करने पर आतंकी वापस भाग गए।
फायरिंग में घायल सेना के जवान की पहचान इंद्रजीत शर्मा (11 जैकलाई) के रूप में हुई है। फायरिंग बंद होने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में शिफ्ट किया गया। सैन्य प्रवक्ता मनीष मेहता का कहना है कि संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ है।
उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सेना की ओर से एलओसी पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि आतंकी किसी तरह से घुसपैठ न कर सकें।
एलओसी पर माइन ब्लास्ट
राजोरी जिले की मंजाकोट तहसील के एलओसी स्थित तरकुंडी गांव में मंगलवार की देर शाम करीब सात बजे माइन ब्लास्ट में सेना का पोर्टर घायल हो गया। हादसे में पोर्टर को अपना पैर गंवाना पड़ा। वह जिला अस्पताल में उपचाराधीन है।
जानकारी के अनुसार, सेना की छह राजपूत राइफल बटालियन के साथ बतौर पोर्टर कार्य कर रहा मोहम्मद खुर्शीद (निवासी मंजाकोट राजधानी) अचानक माइन ब्लास्ट की चपेट में आ गया, जिससे उसका एक पैर बुरी तरह से जख्मी हो गया। जिला अस्पताल के डा. सलाम चौधरी और चिकित्सा अधीक्षक डा. महमूद ने बताया कि पोर्टर बुरी तरह जख्मी है, लेकिन उसकी हालत खतरे से बाहर है।
खुर्शीद के बेटे गुलाम मुस्तफा और पत्नी खुरशैद बेगम ने बताया कि वह करीब 12 वर्षों से सेना के साथ पोर्टर का कार्य कर रहे हैं। वह मंगलवार को भी तरकुंडी गली स्थित एलओसी से करीब 200 मीटर की दूरी पर एक जियारत के पास सेना की भूमि पर कार्य कर रहा था।
इसी दौरान अचानक माइन बलास्ट हुआ और वह उसकी चपेट में आ गया। सेना ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि पोर्टर को सेना से करीब छह रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है।