जम्मू संभाग में दहशत फैलाने की फिराक में हिजबुल, लश्कर और जैश के बाद हुआ सक्रिय
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पिछले दो साल पर नजर दौड़ाएं तो स्पष्ट नजर आता है कि हिजबुल ने अपने पैर मजबूती से पसारे हैं। हिजबुल का एक बड़ा नेटवर्क जम्मू और चिनाब घाटी में सक्रिय है, जो आगामी अमरनाथ यात्रा और सैन्य सुरक्षा के लिए बड़े खतरे की घंटी है।
सूत्रों का कहना है कि हिजबुल मुजाहिदीन के करीब 50 आतंकियों और ओवरग्राउंड वर्करों का एक बड़ा नेटवर्क जम्मू में सक्रिय है। कठुआ के इंटरनेशनल बार्डर के पास भी हिजबुल के लिए काम करने वाले आतंकियों का नेटवर्क काम कर रहा है।
मंदिरों के शहर जम्मू में भी हिजबुल के लिए काम करने वाले करीब दो दर्जन ओवर ग्राउंड वर्करो के होने की सूचना है। इसके अलावा किश्तवाड़, रामबन और डोडा में हिजबुल के सात आतंकी सक्रिय हैं। यह आंकड़ा पुलिस का है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि चिनाब घाटी में हिजबुल के करीब एक दर्जन आतंकी सक्रिय हैं।
कट्टरवाद की राह पर हिजबुल
हिजबुल कठुआ के बार्डर, जम्मू, किश्तवाड़, रामबन में युवाओं को कट्टरवाद की राह पर लेकर जा रहा है। युवाओं को अपने संपर्क में लेकर संगठन के साथ जोड़ रहा है। यहीं कारण है कि जम्मू संभाग में हिजबुल मुजाहिदीन के लिए काम करने वाले नए लोग जुड़े हैं।
नए बने आतंकियों के सहारे चला रहे नेटवर्क
एक अप्रैल 2019 को हिजबुल के आतंकी ने रामबन में पुलवामा जैसी घटना को अंजाम देने की कोशिश की। 2 नवंबर 2018 को किश्तवाड़ के परिहार बंधुओं की हत्या में हिजबुल का हाथ रहा। 9 अप्रैल 2019 को किश्तवाड़ में संघ नेता की हत्या करने में हिजबुल का हाथ था। 7 मार्च 2019 को बस स्टैंड जम्मू पर ग्रेनेड हमला किया। जिसके पीछे हिजबुल का हाथ है। इन घटनाओं को हिजबुल के नए बने आतंकियों ने अंजाम दिया है।
सख्त कार्रवाई होगी
"हिजबुल मुजाहिदीन सहित अन्य आतंकी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो रही है। यह जो घटनाएं हाल ही में हुई हैं। इसमें शामिल आतंकियों की पहचान कर ली गई है। इनमें से बहुत से पकड़ भी लिए गए हैं। इनके ओवरग्राउंड नेटवर्क को टारगेट किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि ओवरग्राउंड वर्करों के खिलाफ पीएसए लगाकर जेल में बंद कर दिया जाए। कोशिशें जारी हैं, नियंत्रण कर लेंगे।"
-दिलबाग सिंह, डीजीपी, जेएंडके
हां, हिजबुल एक बड़ा खतरा, लेकिन निपटने की पूरी कोशिश
"इसमें कोई दो राय नहीं कि इन घटनाओं में हिजबुल का हाथ है। यह सिर्फ जम्मू के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए खतरा है। जबसे इसका गठन हुआ है, न सिर्फ आतंकी गतिविधियों, बल्कि देश विरोधी गतिविधियों में भी हिजबुल शामिल है। बनिहाल और जम्मू का हमला कश्मीर के रहने वाले आतंकियों ने किया। यह सही है कि हिजबुल मुजाहिदीन एक बड़ा खतरा बन गया है। लेकिन हम इसका सामने करने के लिए काम कर रहे हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियों की मदद से इनके मोड्यूल को ध्वस्त करने की कोशिश कर रहे हैं।"-एम के सिन्हा, आईजी, जम्मू