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J&K: अनंतनाग उपचुनाव में सीएम महबूबा को मिलेगी कड़ी चुनौती
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 23 May 2016 12:23 PM IST
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महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को अनंतनाग विधानसभा सीट पर उपचुनाव में विपक्ष आसान जीत दर्ज करवाने के मूड में नहीं है। कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस महबूबा के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी में हैं, ताकि उपचुनाव में मुख्यमंत्री को कड़ी चुनौती पेश की जा सके।
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग की ओर से 25 मई को उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी होते ही अनंतनाग उपचुनाव के लिए सियासत गर्माएगी। हालांकि 25 मई से बजट सत्र भी शुरू हो रहा है और सत्र जून महीने में भी जारी रहना है। इसके चलते चुनाव प्रचार के लिए मुख्यमंत्री को व्यस्त कार्यक्रमों से समय निकालना पड़ेगा।
विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस एनएचपीसी के प्रोजेक्टों के रियासतों को हस्तांतरित करने के केंद्र सरकार के इंकार, पीडीपी-भाजपा गठबंधन को मौकापरस्त बताने के अलावा नई उद्योग नीति, कश्मीरी पंडित विस्थापितों के लिए पुनर्वास नीति आदि मामलों पर सरकार को चुनाव में घेरने का प्रयास करेंगे।
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नेकां और कांग्रेस के पार्टी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के खिलाफ मजबूत उम्मीदवारों की घोषणा आने वाले दिनों में की जाएगी। सात जनवरी 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन से अनंतनाग विधानसभा सीट रिक्त हो गई थी।
अनंतनाग से सांसद महबूबा मुफ्ती के चार अप्रैल को मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद उनके लिए विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य छह महीने में बनना अनिवार्य है।
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पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग की ओर से 25 मई को उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी होते ही अनंतनाग उपचुनाव के लिए सियासत गर्माएगी। हालांकि 25 मई से बजट सत्र भी शुरू हो रहा है और सत्र जून महीने में भी जारी रहना है। इसके चलते चुनाव प्रचार के लिए मुख्यमंत्री को व्यस्त कार्यक्रमों से समय निकालना पड़ेगा।
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विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस एनएचपीसी के प्रोजेक्टों के रियासतों को हस्तांतरित करने के केंद्र सरकार के इंकार, पीडीपी-भाजपा गठबंधन को मौकापरस्त बताने के अलावा नई उद्योग नीति, कश्मीरी पंडित विस्थापितों के लिए पुनर्वास नीति आदि मामलों पर सरकार को चुनाव में घेरने का प्रयास करेंगे।
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नेकां और कांग्रेस के पार्टी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के खिलाफ मजबूत उम्मीदवारों की घोषणा आने वाले दिनों में की जाएगी। सात जनवरी 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन से अनंतनाग विधानसभा सीट रिक्त हो गई थी।
अनंतनाग से सांसद महबूबा मुफ्ती के चार अप्रैल को मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद उनके लिए विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य छह महीने में बनना अनिवार्य है।