महबूबा का केंद्र पर निशाना: कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी के माहौल को मोदी सरकार ने बिगाड़ा
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मोदी सरकार ने कश्मीरी पंडित विस्थापितों की घाटी में सम्मानजनक वापसी के माहौल को बिगाड़ दिया है। भाजपा कश्मीरी पंडितों के दर्द को हथियार बनाकर केवल देश में वोट बटोरने का काम करती है, लेकिन उसे कश्मीरी पंडितों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है।
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पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मोदी सरकार ने कश्मीरी पंडित विस्थापितों की घाटी में सम्मानजनक वापसी के माहौल को बिगाड़ दिया है। भाजपा कश्मीरी पंडितों के दर्द को हथियार बनाकर केवल देश में वोट बटोरने का काम करती है, लेकिन उसे कश्मीरी पंडितों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। जम्मू में पार्टी कार्यालय में कश्मीरी पंडित विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान महबूबा ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि घाटी में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाए जाने की सरकार के पास पूर्व सूचना होने के बावजूद भी पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए और लक्षित हत्याएं (टारगेट किलिंग) र्हुइं। इससे कश्मीर में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है और वह वहां से जम्मू लौट आए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की हालत यह है कि कभी कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को कश्मीर वापस आने को कहा जा रहा है तो कभी जम्मू में ही रुकने को कहा जा रहा है। इससे उनमें भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने कहा, पीडीपी के संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कश्मीर में कश्मीरी पंडित विस्थापितों में विश्वास बहाली के लिए पारगमन शिविरों का निर्माण वेसु, शेखपोरा, मटन और गांदरबल में करवाया था।
विस्थापित कश्मीरी पंडितो से अपील, भाजपा के विभाजनकारी एजेंडे से दूर रहें
पीएम रोजगार पैकेज के तहत विस्थापित युवाओं को रोजगार मुहैया करवाया गया, लेकिन दुर्भाग्य से केंद्र सरकार ने सब बिगाड़ दिया। महबूबा ने विस्थापित कश्मीरी पंडितो से अपील की कि वह भाजपा के विभाजनकारी एजेंडे से दूर रहें। उन्होंने कहा, नई दिल्ली में कुछ स्वार्थी तत्व खुद को कश्मीरी पंडित विस्थापितों का नेता बताकर जहर उगलते हैं लेकिन वह जम्मू-कश्मीर में दिखाई नहीं देते। ऐसे लोगों से बचने की जरूरत है। उन्होंने कहा, कश्मीरी मुस्लिम अपने कश्मीरी पंडित भाइयों की घाटी में सम्मानजनक वापसी चाहते हैं।
घाटी में वापसी का सपना पूरा नहीं हो पा रहा
कश्मीरी पंडित विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल आरके परदेसी और रमेश कौल ने कहा कि कई दशकों के विस्थापन के बाद भी कश्मीर में वापसी का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के रहते कश्मीरी पंडितों में कश्मीर में अपने घरो में वापसी का माहौल बना था लेकिन उनकी मौत के बाद विस्थापितों के हित में काम करने वाला कोई नहीं है।
टारगेट किलिंग रोकने में भाजपा सरकार नाकाम
उन्होंने कहा, पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ही वर्तमान में कश्मीरी पंडित विस्थापितों की सम्मानजनक घाटी वापसी का रोडमैप और विजन रखती हैं। पिछले सात साल में मोदी सरकार ने एक भी ठोस कदम ऐसा नहीं उठाया जिससे लगे कि वह कश्मीरी पंडित विस्थापितों की घाटी में वापसी के प्रति गंभीर है। उन्होंने कहा, कश्मीर में लक्षित हत्याओं (टारगेट किलिंग) की घटनाओं को रोक पाने में भाजपा सरकार नाकाम साबित हुई है।
सदस्यता अभियान पर अंसतोष जताया
महबूबा ने जम्मू संभागीय इकाई की तरफ से चलाए जा रहे सदस्यता अभियान पर असंतोष प्रकट किया। उन्होंने अभियान चलाने के अलावा जोनल व वार्ड स्तर पर पार्टी की इकाइयां स्थापित करने के निर्देश जारी किए। बैठक में प्रदेश महासचिव अमरीक सिंह रीन भी मौजूद रहे।