फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Mehbooba's statement on all-party committee

कश्मीर मसले के स्थायी समाधान के लिए संस्थागत तंत्र स्थापित करे केंद्र: महबूबा

Sun, 04 Sep 2016 10:17 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Sun, 04 Sep 2016 10:17 PM IST
विज्ञापन
Mehbooba's statement on all-party committee
प्रेस वार्ता के दौरान महबूबा मुफ्ती और राजनाथ सिंह - फोटो : PTI
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर मसले के स्थायी समाधान के लिए संस्थागत तंत्र विकसित करने पर जोर दिया है। एसकेआईसीसी में आल पार्टी डेलीगेशन से मुलाकात के दौरान महबूबा ने कहा, समय की मांग है कि कश्मीर मसले के समाधान के लिए एक ऐसा संस्थागत तंत्र स्थापित किया जाए, जिसमें सभी हितधारकों को शामिल किया जा सके।
विज्ञापन


उन्होंने कहा राज्य और देश के नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांति प्रक्रिया से जुड़ी पिछली नाकामियों से उबरकर प्रक्रिया को कारगर बनाने की है। 
विज्ञापन


महबूबा ने कहा हम सभी कश्मीर के हालात का दर्द गहराई से समझ रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक संवाद और समाधान की प्रक्रिया के लिए ठोस पहल की जरूरत है। उन्होंने कहा तमाम सियासी दलों ने अपनी वैचारिक पृष्ठभूमि से ऊपर उठकर जम्मू-कश्मीर के लिए मंच साझा किया है। यह स्वागत योग्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यधारा के सभी राजनीतिक दल और अलगाववादी नेतृत्व जम्मू-कश्मीर के सामने आ रही समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं।

​अलगाववादियों ने की आलोचना

Mehbooba's statement on all-party committee
कांफ्रेंस हाल में मौजूद सर्वदलीय समिति के सदस्य - फोटो : PTI
जम्मू-कश्मीर की सरकार के एजेंडा आफ अलायंस में भी पीडीपी और भाजपा ने ऐसा माहौल तैयार करने का संकल्प लिया है, जिसमें संवाद के लिए सभी हितधारकों को स्थान दिया जाए और वैचारिक मतभेद से इतर स्थायी समाधान के लिए सर्वसम्मति बनाई जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि आल पार्टी डेलीगेशन कश्मीर मसले के समाधान के लिए संस्थागत तंत्र स्थापित करने की दिशा में पहला कदम साबित होगा।

अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक ने संयुक्त बयान में कहा कि डेलीगेशन के पास जब कोई स्पष्ट एजेंडा ही नहीं है तो उससे उम्मीद करना बेमानी है। अलगाववादी नेताओं ने कहा कि मुख्य मुद्दा कश्मीर को आत्मनिर्णय के अधिकार का है।

भारत ने राजनीति में पिछले 70 वर्ष से धोखे और गुमराह करने की नीति अपनाई है। इन नेताओं ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की आलोचना करते हुए कहा उन्होंने केवल केंद्रीय डेलीगेशन को मान्यता देने पर ही जोर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed