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अधूरे कामों के लिए अमृत में मिलेगी धनराशि
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 21 Apr 2016 12:17 AM IST
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बैठक में मौजूद महबूबा मुफ्ती और डिप्टी सीएम
- फोटो : Amar Ujala
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जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्युवल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के अधूरे कामों के लिए केंद्र सरकार फंड उपलब्ध कराएगी। वर्ष 2005-2012 तक जिन कामों के लिए 50 फीसदी राशि जारी की गई थी और कार्य में प्रगति हुई थी, ऐसे प्रोजेक्ट को अमृत योजना के तहत पैसा दिया जाएगा। इस योजना के तहत रियासत को पांच साल के लिए 744 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है।
यह जानकारी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को बुधवार को आवास विभाग की समीक्षा के दौरान दी गई। इस दौरान विभागीय मंत्री और डिप्टी सीएम डा. निर्मल कुमार सिंह भी उपस्थित थे। बैठक में उन्होंने शहरीकरण से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए लीक से हटकर सोचने को कहा।
जम्मू और श्रीनगर के मास्टर प्लान में हो रही देरी, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए आवास नीति का अभाव तथा पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट की कमियों को दूर करने पर बल दिया। उन्होंने दोनों राजधानियों के मास्टर प्लान के परीक्षण के लिए एक्सपर्ट टीम को लगाने को कहा ताकि वे इसकी समीक्षा कर सुझाव दे सकें।
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उन्होंने विभागीय सचिव को मास्टर प्लान के लिए समय सीमा तय करने को कहा। कूड़ा निस्तारण के लिए उन्होंने वैज्ञानिक तरीका अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में बताया गया कि जम्मू में कूड़ा निस्तारण के लिए कोट भलवाल में जमीन देखी गई है जिसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं डल संरक्षण योजना, रख-ए-अर्थ कालोनी के विकास तथा सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट की खुद निगरानी करेंगी।
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यह जानकारी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को बुधवार को आवास विभाग की समीक्षा के दौरान दी गई। इस दौरान विभागीय मंत्री और डिप्टी सीएम डा. निर्मल कुमार सिंह भी उपस्थित थे। बैठक में उन्होंने शहरीकरण से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए लीक से हटकर सोचने को कहा।
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जम्मू और श्रीनगर के मास्टर प्लान में हो रही देरी, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए आवास नीति का अभाव तथा पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट की कमियों को दूर करने पर बल दिया। उन्होंने दोनों राजधानियों के मास्टर प्लान के परीक्षण के लिए एक्सपर्ट टीम को लगाने को कहा ताकि वे इसकी समीक्षा कर सुझाव दे सकें।
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उन्होंने विभागीय सचिव को मास्टर प्लान के लिए समय सीमा तय करने को कहा। कूड़ा निस्तारण के लिए उन्होंने वैज्ञानिक तरीका अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में बताया गया कि जम्मू में कूड़ा निस्तारण के लिए कोट भलवाल में जमीन देखी गई है जिसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं डल संरक्षण योजना, रख-ए-अर्थ कालोनी के विकास तथा सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट की खुद निगरानी करेंगी।