महबूबा मुफ्ती को सीएम बनाने की अटकलें फिर तेज
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एक बार फिर यह अटकलें तेज होने लगी हैं कि सांसद महबूबा मुफ्ती को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कहा जा रहा है कि मुफ्ती की जगह पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को कमान सौंपने की तैयारी चल रही है।
हालांकि, अभी इस बारे में कोई अधिकृत फैसला नहीं हुआ है। एक महीने पहले भी इस तरह की अटकलों को बल मिला था जब मुफ्ती एक सप्ताह के लिए रियासत से बाहर थे। बाद में महबूबा ने इन अटकलों को सिरे से खारिज किया था।
मुफ्ती मोहम्मद के स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए महबूबा को बागडोर सौंपने की बात कही जा रही है। सनद रहे कि मुफ्ती के नेतृत्व में साझा सरकार चल रही है।
सूत्रों का कहना है कि नेतृत्व परिवर्तन से पहले पीडीपी को अपने सहयोगी भाजपा की भी सहमति लेनी होगी। सहयोगी दल से ज्यादा पीडीपी को अपनों के विरोध का भी अंदेशा है।
तारिक हमीद ने पहले किया विरोध
वैसे भी भाजपा के साथ गठजोड़ पर पीडीपी के सांसद तारिक हमीद कर्रा पहले से ही विरोध का झंडा उठाए हुए हैं। पार्टी के सार्वजनिक कार्यक्रमों में जाना छोड़ दिया है।
पिछले दिनों मुफ्ती की मौजूदगी में पार्टी अध्यक्ष महबूबा की ओर से बुलाई गई बैठक में भी वे और महबूब बेग नहीं गए थे। साथ ही श्रीनगर में हुई मोदी की रैली से भी दोनों गायब रहे थे।
नेतृत्व परिवर्तन की सूरत में उनका विरोध और बढ़ सकता है। सूत्रों का कहना है कि महबूबा को बागडोर सौंपने के सियासी नफा-नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस बाबत कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। यदि इस प्रकार की कोई बात चल भी रही होगी तो वह पीडीपी के फोरम पर ही होगी।
महबूबा को मुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलों पर बेग का कहना है कि वह मेरी छोटी बहन हैं। मगर वह मुफ्ती की बेटी है, इसलिए वह मुख्यमंत्री बनें यह जरूरी नहीं और वह उनकी बेटी हैं इसलिए भी वह मुख्यमंत्री न बनें यह भी जरूरी नहीं।
अगर लोगों की राय में वह ही राज्य की सही मुख्यमंत्री हैं तो उन्हें बनाएं। अगर मुफ्ती चाहें और भाजपा भी सहमति जताए तो बनाएं।