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J&K: राज्यपाल के खिलाफ कोर्ट नहीं, जनता के दरबार में जाएंगी महबूबा मुफ्ती
ब्यूरो, अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 26 Nov 2018 04:43 PM IST
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महबूबा मुफ्ती
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पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग करने के फैसले के खिलाफ कोर्ट में जाने से इनकार कर दिया है। कहा कि वह कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाएंगी, बल्कि जनता की अदालत में जाएंगी।
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महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा कि मेरे शुभचिंतकों ने राज्यपाल के फैसले को कोर्ट में चुनौती देने की सलाह दी। पीडीपी, कांग्रेस और नेकां राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए एक साथ आए थे। मेरा यह मानना है कि हमें जनता की अदालत में जाना चाहिए। जनता की अदालत अन्य किसी भी दूसरे मंच से ऊपर है।
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Some sincere suggestions from well wishers for me to go to court against Governor's dissolution of assembly. PDP, NC, INC had come together to safeguard state interests. It is my considered opinion that we must go to people's court which is superior to any other forum.
विज्ञापन विज्ञापन— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) November 26, 2018
मालूम हो कि राज्यपाल ने जम्मू कश्मीर विधानसभा को 21 नवंबर को भंग कर दी थी । इस फैसले से कुछ घंटे पहले ही पीडीपी ने कांग्रेस और नेकां के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इसके बाद दो विधायकों वाली सज्जाद लोन की पीपुल्स कांफ्रेंस ने भाजपा व 18 विधायकों के समर्थन में सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया था।
इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम पर राज्यपाल ने विधानसभा भंग करने का फैसला कर विराम लगा दिया था। फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि मलिक ने विधायकों के खरीद फरोख्त को रोकने के लिए विधानसभा भंग करने का निर्णय लिया। राज्य में 19 जून को राज्यपाल का शासन लगाया गया था। जब भाजपा, पीडीपी और गठबंधन सरकार से हट गई थी। इस समय विधानसभा भंग नहीं करके उसे निलंबित कर दिया था।