{"_id":"6439ac0eec2f7122ff0f5c33","slug":"mehbooba-mufti-said-lg-should-reconsider-decision-of-blacklisting-contractors-2023-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"महबूबा मुफ्ती: ठेकेदारों को काली सूची में डालने के फैसले पर पुनर्विचार करें एलजी, वाजपेयी के कार्यों को गिनाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महबूबा मुफ्ती: ठेकेदारों को काली सूची में डालने के फैसले पर पुनर्विचार करें एलजी, वाजपेयी के कार्यों को गिनाया
Sat, 15 Apr 2023 02:00 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 15 Apr 2023 02:00 AM IST
सार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को लिखे पत्र में महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछली सरकारों ने ऐसे लोगों के लिए पुनर्वास नीति बनाई थी। इसका उद्देश्य समाज के बीच सम्मान के साथ उनकी स्वीकृति सुनिश्चित करना और संगठन के कलंक को दूर करना था।
विज्ञापन
महबूबा मुफ्ती
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि ठेकेदारों को आतंकवादियों से उनके कथित संबंधों के कारण काली सूची में डालने का जम्मू-कश्मीर प्रशासन का फैसला मनमाना था। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मामले में पुनर्विचार करने की अपील की।
विज्ञापन
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को लिखे पत्र में महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछली सरकारों ने ऐसे लोगों के लिए पुनर्वास नीति बनाई थी, जिसका उद्देश्य समाज के बीच सम्मान के साथ उनकी स्वीकृति सुनिश्चित करना और संगठन के कलंक को दूर करना था।
विज्ञापन
महबूबा ने पत्र में लिखा है कि मैं ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के प्रशासन के हालिया फैसले के दुखद परिणामों पर आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहती हूं। यह आतंकवादियों के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंधों की गलत धारणा पर मनमाने तरीके से किया जा रहा है।
विज्ञापन
सूची पर सरसरी नजर डालने से पता चलता है कि अधिकांश ठेकेदार शुरुआत में आतंकवादी भी नहीं थे। उन्होंने कहा कि पचास लोग, जो बहुत पहले आतंकवाद से दूर हो गए थे। वह किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधि में शामिल नहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछली निर्वाचित सरकारों ने ऐसे व्यक्तियों के लिए पुनर्वास नीति बनाई थी।
इसका उद्देश्य यह था कि समाज के बीच सम्मान के साथ उनकी स्वीकृति सुनिश्चित करना और एसोसिएशन के कलंक को दूर करना था। सुलह प्रक्रिया को मजबूत करने में भी इसका बड़ा योगदान था। इस तथ्य के बावजूद कि ऐसा करने का उनका निर्णय खतरनाक परिणामों से भरा था।
कई लोगों को एक विकल्प चुनने के लिए गोली मार दी गई थी। इसे विश्वासघात के रूप में देखा गया था। महबूबा ने कहा कि यह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में उनके पिता और पीडीपी के संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने मुख्यमंत्री के रूप में आतंकवाद के पीड़ितों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक पैकेज की वकालत की थी, जिसे लागू किया था।
महबूबा ने कहा कि दशकों तक गरिमापूर्ण जीवन के लिए मेहनत करने के बाद आज ये लोग मूकदर्शक बनकर रह गए हैं, क्योंकि इनकी जिंदगी को उजाड़ दिया जा रहा है। इसलिए आपसे मानवीय आधार पर अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह करती हूं।