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महबूबा मुफ्ती बोली: जम्मू-कश्मीर को खुले जेल में कर दिया तब्दील, विरोध करने वालों को दबाने का प्रयास
Fri, 03 Dec 2021 09:53 AM IST
विमल शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Fri, 03 Dec 2021 09:53 AM IST
सार
पीडीपी प्रमुख में पार्टी के आतंरिक पत्र स्पीक अप का पहला अंक जारी किया। इसमें जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति और राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का रुख अंतिम कार्यकर्ता तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
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पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पार्टी के आंतरिक समाचार पत्र स्पीक अप का पहला अंक जारी किया। यह जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति और राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का रुख पीडीपी कैडर तक पहुंचने का प्रयास करता है। इसे वरिष्ठ नेता नईम अख्तर, अब्दुल रहमान वीरी और गुलाम नबी लोन की मौजूदगी में महबूबा के आवास पर जारी किया गया।
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न्यूज लेटर के संपादकीय में कहा है कि जम्मू और कश्मीर से उसका विशेष दर्जा छीने हुए दो साल से थोड़ा अधिक समय बीत चुका है। तब से वर्तमान सरकार द्वारा लिया गया हर निर्णय कश्मीरियों को सामूहिक दंड और अपमान के एकमात्र उद्देश्य के साथ किया गया है। हमारी अर्थव्यवस्था खस्ताहाल है, सुरक्षा की स्थिति गंभीर है। बेचैनी की व्यापक भावना है और गुस्सा उबल रहा है।
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विरोध के स्वर को अपराधी बना दिया गया है। जम्मू-कश्मीर को खुले जेल में तब्दील कर दिया गया है। इस अवधि को प्रेस की स्वतंत्रता में भारी गिरावट के रूप में भी चिह्नित किया गया है और पत्रकारों को आतंकवाद विरोधी कानूनों की धमकी दी गई है। संपादकीय में कहा गया है कि किसी को कानून तोड़ने के लिए नहीं बल्कि असुविधाजनक सच बताने के लिए दंडित किया जाता है। इसलिए यह जरूरी है कि हम अपनी आवाज उठाते रहें।
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