JK के छात्रों के दाखिले का मामला पहुंचा संसद
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पीडीपी की सांसद महबूबा मुफ्ती ने लोकसभा में सोमवार को देश के सभी विश्वविद्यालयों में जम्मू-कश्मीर के छात्रों के लिए दो सीट आरक्षित करने का मामला उठाया।
शून्य काल में उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने दो साल पहले सभी विश्वविद्यालयों में जम्मू और कश्मीर के छात्रों के लिए दो सीट आरक्षित करने के निर्देश दिए थे।
यह सीटें विस्थापित कोटे से अलग थीं। जामिया मीलिया इस्लामिया को छोड़कर किसी अन्य यूनिवर्सिटी ने इस निर्देश का पालन नहीं किया।
महबूबा ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार ज्यादातर विश्वविद्यालयों ने इस कोटा के तहत जम्मू-कश्मीर के छात्रों को दाखिला देने से इनकार करना शुरू कर दिया है।
UGC ने नए सिरे से आदेश जारी किए
महबूबा ने मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया ताकि रियासत के छात्रों को इस योजना के तहत लाभ मिल सके।
मानव संसाधन मंत्रालय ने लिखित जवाब में कहा कि कुछ कालेजों तथा विश्वविद्यालयों की ओर से दाखिला लेने से इनकार की रिपोर्ट मिलने के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने नए सिरे से आदेश जारी किए हैं।
पिछले वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से सुपर न्यूमरेरी कोटा के तहत दाखिला न दिए जाने के 20 मामले सामने आए थे। अब तक रियासत के 406 छात्रों को स्पेशल स्कालरशिप योजना के तहत सुपर न्यूमरेरी कोटा में दाखिला दिया गया है।