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सुतली बम के आधार पर संदिग्धों को आतंकी घोषित करना अपरिपक्व: महबूबा मुफ्ती
Fri, 28 Dec 2018 07:31 PM IST
दुष्यंत शर्मा
भाषा, जम्मू
भाषा, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 28 Dec 2018 07:31 PM IST
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महबूबा मुफ्ती
- फोटो : फाइल
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जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि ‘‘सुतली बम के आधार पर’’ संदिग्धों को आतंकवादी घोषित करना और उन्हें आईएसआईएस से जोड़ना अपरिपक्व था। हाल ही में कई जगहों पर छापेमारी के दौरान एनआईए द्वारा 10 लोगों को गिरफ्तार किये जाने और उनसे जब्त सामग्री के संदर्भ में तंज कसते हुए उन्होंने यह बात कही।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 26 दिसंबर को आईएसआईएस से प्रेरित संदिग्ध आतंकी समूह का खुलासा करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का कहना था कि वे दिल्ली और उत्तरी भारत के दूसरे हिस्सों में राजनेताओं और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए आत्मघाती हमले और बम धमाके करने की साजिश कर रहे थे।
महबूबा ने इन गिरफ्तारियों को चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि एनआईए को ‘‘पूर्व के घटनाक्रमों से सीखना चाहिए’’ जब लंबी सुनवाई के बाद आरोपियों को छोड़ना पड़ा था। उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है। लेकिन संदिग्धों को सुतली बमों के अधार पर आतंकवादी घोषित करना, उन्हें खतरनाक आईएस (आईएसआईएस) से जोड़ना अपरिपक्व है।
इससे उनकी और परिवार की जिंदगी पहले भी बर्बाद हो चुकी है। एनआईए को पूर्व की घटनाओं से सीखना चाहिए जिसमें दशकों बाद आरोपी बरी हो गए।’’
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National security is supreme. But declaring suspects as terrorists on the basis of Sutli bombs, associating with the dreaded IS is premature. It has already devastated their lives and families. NIA must learn from earlier episodes in which the accused were acquitted after decades
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) December 28, 2018विज्ञापन
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 26 दिसंबर को आईएसआईएस से प्रेरित संदिग्ध आतंकी समूह का खुलासा करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का कहना था कि वे दिल्ली और उत्तरी भारत के दूसरे हिस्सों में राजनेताओं और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए आत्मघाती हमले और बम धमाके करने की साजिश कर रहे थे।
महबूबा ने इन गिरफ्तारियों को चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि एनआईए को ‘‘पूर्व के घटनाक्रमों से सीखना चाहिए’’ जब लंबी सुनवाई के बाद आरोपियों को छोड़ना पड़ा था। उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है। लेकिन संदिग्धों को सुतली बमों के अधार पर आतंकवादी घोषित करना, उन्हें खतरनाक आईएस (आईएसआईएस) से जोड़ना अपरिपक्व है।
इससे उनकी और परिवार की जिंदगी पहले भी बर्बाद हो चुकी है। एनआईए को पूर्व की घटनाओं से सीखना चाहिए जिसमें दशकों बाद आरोपी बरी हो गए।’’
Arrests by NIA in the election season do raise suspicion, especially after the urban Naxal case seems to be falling apart.National security is best served by being just and inclusive, not suspicious of an entire community
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) December 28, 2018