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केंद्र ने अलगाववादियों से नहीं की जल्द बात तो महबूबा मुफ्ती देंगी इस्तीफा

Tue, 25 Apr 2017 10:12 PM IST
amarujala.com- Presented by: आशुतोष तिवारी
amarujala.com- Presented by: आशुतोष तिवारी Updated Tue, 25 Apr 2017 10:12 PM IST
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Mehbooba Mufti may resign if central government not talk with Separatist
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती - फोटो : File Photo
घाटी में लगातार बिगड़ते हालात से चिंतित पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि यदि केंद्र ने बातचीत में लगातार देर की तो उन्हें मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छोड़ने में किसी प्रकार झिझक नहीं होगी।
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सूत्रों का कहना है कि यूनिफाइड कमांड की बैठक से पहले गुपकार रोड स्थित आवास पर पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक में घाटी के हालात पर चर्चा की गई। साथ ही प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री के साथ हुई मुलाकात की उन्होंने जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे पार्टी की रीति-नीति से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेंगी।
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उनके लिए कुर्सी से ज्यादा महत्वपूर्ण अवाम है। वह कुर्सी की खातिर आम कश्मीरियों की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करेंगी। इसके लिए जरूरत पड़ी तो वे पद को भी छोड़ने से नहीं झिझकेंगी। बैठक में पार्टी उपाध्यक्ष सरताज मदनी, महबूबा के भाई तसद्दुक मुफ्ती सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। 
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महबूबा ने बुलाई यूनिफाइड कमांड की बैठक

Mehbooba Mufti may resign if central government not talk with Separatist
बैठक में मौजूद सीएम और डिप्टी सीएम - फोटो : Amar Ujala
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सुरक्षा एजेंसियों को भटके युवाओं की काउंसिलिंग का निर्देश देते हुए कहा है कि दुर्भाग्य से ये हिंसा के चक्र में फंसे है। ये अपने ही हैं जिन्हें हीलिंग टच के साथ जीता जाना चाहिए। इसे कानून व्यवस्था के मुद्दे के रूप में देखने के बजाय युवाओं को ज्यादा से ज्यादा जोड़ने पर बल देना चाहिए। जब किसी युवा के बारे में कुछ शिकायत होती है तो उनके माता-पिता को विश्वास में लेना चाहिए।

किसी भी तरह से इन युवाओं के कार्यों के लिए परिवार को उत्तरदायी नहीं ठहराया जाना चाहिए। हिदायत दी कि रोजाना कानून व्यवस्था की स्थितियों से निबटने में किसी प्रकार की जान-माल की क्षति न होने पाए। एसओपी का पालन किया जाए। लोगों के बीच नफरत फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

सामाजिक कार्य के नाम पर समाज या किसी वर्ग के उत्पीड़न में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की हिदायत दी। वे यहां यूनिफाइड कमांड की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। 
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