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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Mehbooba Mufti invites separatists for talks with All Party Delegation.

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अलगाववादियों को दिया बातचीत का न्योता

Sat, 03 Sep 2016 08:27 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 03 Sep 2016 08:27 PM IST
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Mehbooba Mufti invites separatists for talks with All Party Delegation.
लोगों को संबोध‌ित करतीं सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
सर्वदलीय समिति के घाटी पहुंचने से एक दिन पहले मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं को बातचीत का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि बेहतर परिणाम के लिए समाज के सभी वर्गों के साथ बात होनी चाहिए।
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देश के राजनीतिक नेतृत्व को अब बिना देर किए हुर्रियत कांफ्रेंस सहित समाज के सभी वर्गों को बातचीत में शामिल करना चाहिए ताकि मामले का हल निकल सके और जम्मू-कश्मीर में हकीकत में शांति बहाल हो सके। 
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वहीं कुलगाम में फायरिंग में मारे गए युवक के घर संवेदना जाहिर करने पहुंची सीएम ने कहा कि यह शायद पहला मौका है जब कश्मीर मुद्दे पर पिछले दो महीने में विभिन्न फोरम पर चर्चा हुई है।

रियासत के मुद्दों का समाधान करना प्राथमिकता

Mehbooba Mufti invites separatists for talks with All Party Delegation.
लोगों को संबोधित करतीं महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
उन्होंने कहा कि संसद के साथ ही सर्वदलीय बैठक में सभी विचारधारा की पार्टियों ने मुद्दे के समाधान तथा हिंसा को समाप्त करने के संबंध में राय दी है। वक्त का तकाजा है कि इस मुद्दे पर देश के भीतर राजनीतिक सहमति बनाई जाए और मुद्दे के समाधान के लिए प्रयास शुरू किए जाएं।

उन्होंने कहा कि पिछले महीने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान भी उन्होंने अलगाववादियों सहित जम्मू कश्मीर के समाज के सभी वर्ग के लोगों और पाकिस्तान से बातचीत का सुझाव दिया था। उम्मीद है कि सर्वदलीय समिति जम्मू कश्मीर के भीतर और आस-पास शांति तथा समाधान प्रक्रिया की दिशा में काम करेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि रियासत की जनता ने वर्तमान सरकार को उनकी आवाज को उठाने, आकांक्षाओं को पूरा करने तथा समस्या समाधान के लिए जनादेश दिया है। यह सरकार के एजेंडा आफ एलायंस में भी है जिसमें साफ कहा गया है कि रियासती सरकार ऐसा माहौल पैदा करेगी जिससे मुद्दे का समाधान हो।
 

पीएम के लिए चुनौती भी मौका भी

Mehbooba Mufti invites separatists for talks with All Party Delegation.
प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती - फोटो : PTI
सभी पक्षकारों से बातचीत की पहल शुरू हो सके। इसमें विचारधारा से हटकर सभी राजनीतिक समूह शामिल होंगे और जम्मू-कश्मीर के सभी लंबित मामलों के समाधान पर आम सहमति बन सके।  

सर्वदलीय समिति के रूप में हम इस मौके को हाथ से नहीं जाने देंगे। प्रधानमंत्री के हालिया बयान कि कश्मीर में अशांति के बीज स्वतंत्रता के दौरान ही दिख गए थे और उसका समाधान खोज लिया गया है।

कश्मीर के मौजूदा हालात न केवल चुनौती हैं, बल्कि प्रधानमंत्री के लिए एक मौका भी है कि समस्या समाधान के लिए कठोर कदम उठाए जाएं। न केवल भारत बल्कि पड़ोसियों से भी शांति स्थापित किया जाए।

2002 से 2005 में हुए अच्छे प्रयास

Mehbooba Mufti invites separatists for talks with All Party Delegation.
mehbooba mufti - फोटो : Amar Ujala
महबूबा ने कहा कि आंतरिक तथा बाहरी मोर्चों पर शांति, सुलह प्रक्रिया तथा विश्वास बहाली के कदम पर जोर देते हुए कहा कि वर्ष 2002 से 2005 के बीच इस संबंध में बेहतर काम हुआ था। उन्होंने कहा कि विपरीत विचारधारा के लोगों को यह महसूस करना चाहिए कि मुद्दे का समाधान बातचीत से हो सकता है न कि हिंसा के जरिये।

नब्बे के दशक से ही जम्मू-कश्मीर के लोग दर्द झेल रहे हैं और अब मौतों तथा विध्वंस का सिलसिला थमना चाहिए। वैश्विक तथा उप महाद्वीप की हकीकत को ध्यान में रखते हुए समस्या समाधान के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हीलिंच टच का मौजूदा हालात में इस्तेमाल किया जाना चाहिए तथा केंद्र को युवाओं के अलगाववाद की ओर बढ़ने के कारणों को समझने का प्रयास करना चाहिए। कहा कि कश्मीर हिंसा की भेंट गरीब से गरीब परिवार का सदस्य ही चढ़ा है। कश्मीर ने युवाओं की मौत के रूप में बहुत कुछ खोया है। इसके साथ ही आर्थिक क्षति और शिक्षा का नुकसान हुआ है।
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