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अनुच्छेद 370: सियासी हलचल बढ़ी, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला गिरफ्तार
Mon, 05 Aug 2019 09:00 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 05 Aug 2019 09:00 PM IST
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फाइल फोटो
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अनुच्छेद 370 खत्म करने के संकल्प के साथ ही जम्मू-कश्मीर में लगातार सरगर्मी बढ़ती जा रही है। राज्य पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन्हें श्रीनगर के हरि निवास गेस्ट हाउस में रखा गया है।
इनके अलावा जम्मू कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन, इमरान अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया है।
बता दें कि घाटी में धारा 144 लागू है। महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला की ओर से इस मसले पर लगातार बयानबाजी की जा रही थी। सूत्रों की मानें तो प्रशासन ने हिंसा न भड़के, इसलिए सुरक्षा कारणों से गिरफ्तार किया गया है।
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इससे पहले रविवार रात को महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया था। आपको बता दें कि घाटी में अभी भी कई नेता नजरबंद हैं।
घाटी में पूरी तरह से मोबाइल, लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड समेत सभी इंटरनेट सेवा शनिवार रात से ही बंद कर रखी हैं। वहीं सभी अधिकारियों को सैटेलाइट फोन दिए गए हैं, ताकि आपस में बातचीत होती रहे।
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इनके अलावा जम्मू कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन, इमरान अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया है।
बता दें कि घाटी में धारा 144 लागू है। महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला की ओर से इस मसले पर लगातार बयानबाजी की जा रही थी। सूत्रों की मानें तो प्रशासन ने हिंसा न भड़के, इसलिए सुरक्षा कारणों से गिरफ्तार किया गया है।
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इससे पहले रविवार रात को महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया था। आपको बता दें कि घाटी में अभी भी कई नेता नजरबंद हैं।
घाटी में पूरी तरह से मोबाइल, लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड समेत सभी इंटरनेट सेवा शनिवार रात से ही बंद कर रखी हैं। वहीं सभी अधिकारियों को सैटेलाइट फोन दिए गए हैं, ताकि आपस में बातचीत होती रहे।
लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दिन: महबूबा
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दिन है। आज 1947 की तत्कालीन जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा ‘टू नेशन थ्योरी’ को रिजेक्ट करने का फैसला गलत साबित हुआ है।
सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को खत्म करने का फैसला पूरी तरह से अवैध और असांविधानिक है। एक अन्य ट्वीट में कहा कि मैं पहले ही अपने घर में नजरबंद हूं और मुझे किसी से मिलने की इजाजत नहीं है। मैं आश्वस्त नहीं कि मुझे कितनी देर सबसे बात करने की इजाजत मिलेगी, क्या यह वही भारत है जिसमें हमारा विलय किया गया था।
लोगों के विश्वास के साथ धोखा: उमर
पूर्व मुख्यमंत्री व नेकां के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लिए गए एकपक्षीय और चौंकाने वाले फैसले ने उस विश्वास के साथ धोखा किया है, जिसके साथ राज्य के लोग 1947 में भारत के साथ आए थे।
इस फैसले के दूरगामी और बेहद गंभीर परिणाम होंगे। यह एलान उस वक्त किया गया, जबकि पूरी कश्मीर घाटी सैन्य छावनी के रूप में तब्दील हो चुकी है। केंद्र का फैसला एक पक्षीय, अवैध और असांविधानिक है। नेशनल कांफ्रेंस इसे चुनौती देगी।
सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को खत्म करने का फैसला पूरी तरह से अवैध और असांविधानिक है। एक अन्य ट्वीट में कहा कि मैं पहले ही अपने घर में नजरबंद हूं और मुझे किसी से मिलने की इजाजत नहीं है। मैं आश्वस्त नहीं कि मुझे कितनी देर सबसे बात करने की इजाजत मिलेगी, क्या यह वही भारत है जिसमें हमारा विलय किया गया था।
लोगों के विश्वास के साथ धोखा: उमर
पूर्व मुख्यमंत्री व नेकां के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लिए गए एकपक्षीय और चौंकाने वाले फैसले ने उस विश्वास के साथ धोखा किया है, जिसके साथ राज्य के लोग 1947 में भारत के साथ आए थे।
इस फैसले के दूरगामी और बेहद गंभीर परिणाम होंगे। यह एलान उस वक्त किया गया, जबकि पूरी कश्मीर घाटी सैन्य छावनी के रूप में तब्दील हो चुकी है। केंद्र का फैसला एक पक्षीय, अवैध और असांविधानिक है। नेशनल कांफ्रेंस इसे चुनौती देगी।