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बुजुर्ग पेंशन योजना संगठन की बैठक
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सांबा। बुजुर्ग पेंशन योजना संगठन के सदस्यों की ओर से रविवार को बैठक की गई। इसकी आध्यक्षता मोहमद अशरफ शोख ने की। बैठक में जय कृष्ण वशिष्ठ को जिला सांबा का अध्यक्ष मनाया गया।
नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम जम्मू-कश्मीर यूनिट की तरफ से सांबा में भी संगठन का विस्तार किया है। उपाध्यक्ष विशाल मन्हास, यूटी के मुख्य प्रवक्ता यासिर, सुरिंदर सिंह भी शामिल थे। बैठक में शिक्षा, पीडीडी, वन, युवा सेवा और खेल, हस्तशिल्प, उच्च शिक्षा कृषि, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा जैसे विभिन्न विभागों के सेवानिवृत्त लोग पहुंचे। इस अवसर पर एनपीएस कर्मचारियों के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को भी उठाया गया और चर्चा की गई। संगठन के सभी प्रमुख सदस्यों ने सरकार से जम्मू-कश्मीर में एक जनवरी 2010 को या उसके बाद नियुक्त एनपीएस कर्मचारियों के पक्ष में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की अपील की।
अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ ने जोर देकर कहा कि पेंशन सुरक्षा का एकमात्र स्रोत है और कर्मचारियों के लिए उनके बुढ़ापे के दौरान आशा की किरण है। यह उन्हें न केवल वित्तीय सुरक्षा बल्कि सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन भी देगा। उन्होंने एलजी जम्मू-कश्मीर से इस मामले में हस्तक्षेप करने और एनपीएस कर्मचारियों के लिए ओपीएस देने की अपील की ताकि वे अपने बुढ़ापे में पीड़ित न हों। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान ही सभी नागरिकों को देता है। सभी प्रकार के भेदभाव के खिलाफ समानता और सुरक्षा का मौलिक अधिकार। लेकिन एनपीएस कर्मचारियों के साथ असमान व्यवहार किया जा रहा है और सरकार द्वारा भेदभाव भी किया जा रहा है।
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नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम जम्मू-कश्मीर यूनिट की तरफ से सांबा में भी संगठन का विस्तार किया है। उपाध्यक्ष विशाल मन्हास, यूटी के मुख्य प्रवक्ता यासिर, सुरिंदर सिंह भी शामिल थे। बैठक में शिक्षा, पीडीडी, वन, युवा सेवा और खेल, हस्तशिल्प, उच्च शिक्षा कृषि, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा जैसे विभिन्न विभागों के सेवानिवृत्त लोग पहुंचे। इस अवसर पर एनपीएस कर्मचारियों के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को भी उठाया गया और चर्चा की गई। संगठन के सभी प्रमुख सदस्यों ने सरकार से जम्मू-कश्मीर में एक जनवरी 2010 को या उसके बाद नियुक्त एनपीएस कर्मचारियों के पक्ष में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की अपील की।
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अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ ने जोर देकर कहा कि पेंशन सुरक्षा का एकमात्र स्रोत है और कर्मचारियों के लिए उनके बुढ़ापे के दौरान आशा की किरण है। यह उन्हें न केवल वित्तीय सुरक्षा बल्कि सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन भी देगा। उन्होंने एलजी जम्मू-कश्मीर से इस मामले में हस्तक्षेप करने और एनपीएस कर्मचारियों के लिए ओपीएस देने की अपील की ताकि वे अपने बुढ़ापे में पीड़ित न हों। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान ही सभी नागरिकों को देता है। सभी प्रकार के भेदभाव के खिलाफ समानता और सुरक्षा का मौलिक अधिकार। लेकिन एनपीएस कर्मचारियों के साथ असमान व्यवहार किया जा रहा है और सरकार द्वारा भेदभाव भी किया जा रहा है।
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