स्टिकी बम हो सकते हैं चुनौती: अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने कही ये बात
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डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा है कि श्री अमरनाथ यात्रा में किसी तरह के आतंकी हमले का कोई पुख्ता इनपुट नहीं है। फिर भी पिछले कुछ समय से आतंकियों ने अपनी गतिविधियों में नई रणनीति शामिल की है, जिसके तहत स्टिकी बम इस्तेमाल कर रहे हैं। यह बम आसानी से वाहनों के बीच फिट किया जा सकता है। अमरनाथ यात्रा के दौरान यह एक बड़ी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम करेंगी।
डीजीपी शुक्रवार को सुंजवां सेंटर में पौधरोपण अभियान के दौरान पहुंचे थे, जहां कार्यक्रम के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को आतंकी बाधित करने के लिए बार-बार कोशिशें करते हैं। लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों की हर साजिश से निपटने के लिए सक्षम हैं।
हाल ही में कश्मीर में दो आतंकी कमांडर ढेर किए गए हैं और दो बड़े स्थानीय आतंकी संगठनों के कमांडरों को गिरफ्तार किया गया है। इस साल अब तक एक दर्जन आतंकी मारे गए हैं और आतंकियों के मददगारों को गिरफ्तार भी किया गया है। 2020 में सेना और पुलिस ने कई आतंकियों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर किया।
सुंजवां के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में शुक्रवार को पौधरोपण अभियान चलाया गया। जेके पुलिस और पीपल सेव फाउंडेशन ने मिलकर यह अभियान शुरू किया। डीजीपी दिलबाग सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान कई फलों और पीपल के पौधे लगाए गए। डीजीपी ने कहा कि फाउंडेशन का यह सराहनीय कदम है। फाउंडेशन को जब भी पुलिस की मदद चाहिए होगी तो वह उपलब्ध रहेंगे। पेड़ हमारे जीवन का अहम हिस्सा हैं। ये न सिर्फ इंसानों की जरूरतें पूरी करते हैं, बल्कि पर्यावरण को बचाने में भी योगदान देते हैं। पुलिस की ओर से भी कई जगहों पर पेड़ लगाओ अभियान शुरू किया गया है।