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भाजपा सरकार कर रही कश्मीरी पंडित शहीदों के नाम पर वोट बैंक की राजनीति
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जम्मू। भाजपा सरकार कश्मीरी पंडिता शहीदों के नाम पर वोट बैंक की राजनीति कर रही है। यह बात जगती टेनमेंट कमेटी, सोन कश्मीर फ्रंट जम्मू-कश्मीर की बैठक में अध्यक्ष शादी लाल पंडिता ने कही। उन्होंने कहा कि 32 साल से केवल कश्मीरी पंडितों का राजनीतिकरण हो रहा है। भाजपा सरकार 8 साल से चल रही है। उससे पहले भी 6 साल 13 दिन की बीजेपी सरकार सत्ता में रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वे नहीं जानते कि 1990 में कश्मीरी पंडितों को सताया गया था, जबकि तत्कालीन गठबंधन सरकार जनता दल संयुक्त मोर्चा और भाजपा द्वारा चल रही थी। पंडिता ने कहा कि अगर 32 साल बाद कश्मीर फाइल से भारत के पीएम को पता चला कि कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी में सताया गया था और उनकी सरकार में निर्वासित किया गया था जब जगमोहन जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे। इसलिए इसे जांच के लिए जांच एजेंसियों को सौंप देना चाहिए। इससे सच्चाई सामने आ सकेगी।
पंडिता ने सरकार से मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया। मासिक भत्ता 13,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति परिवार किया जाए। शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए 20,000 सरकारी नौकरियों की घोषणा तुरंत की जाए। 32 साल की संपत्ति का नुकसान अधिक आयु वर्ग के युवाओं को बिना ब्याज बैंक ऋण मुहैया करवाया जाए।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वे नहीं जानते कि 1990 में कश्मीरी पंडितों को सताया गया था, जबकि तत्कालीन गठबंधन सरकार जनता दल संयुक्त मोर्चा और भाजपा द्वारा चल रही थी। पंडिता ने कहा कि अगर 32 साल बाद कश्मीर फाइल से भारत के पीएम को पता चला कि कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी में सताया गया था और उनकी सरकार में निर्वासित किया गया था जब जगमोहन जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे। इसलिए इसे जांच के लिए जांच एजेंसियों को सौंप देना चाहिए। इससे सच्चाई सामने आ सकेगी।
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पंडिता ने सरकार से मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया। मासिक भत्ता 13,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति परिवार किया जाए। शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए 20,000 सरकारी नौकरियों की घोषणा तुरंत की जाए। 32 साल की संपत्ति का नुकसान अधिक आयु वर्ग के युवाओं को बिना ब्याज बैंक ऋण मुहैया करवाया जाए।
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