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Jammu News: सरकारी कर्मचारी भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में कराएं दाखिल
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गवर्नमेंट हाई स्कूल अरनिया के हेड मास्टर और पार्षदों के बीच बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। गवर्नमेंट हाई स्कूल अरनिया में शुक्रवार को स्कूल के हेडमास्टर, स्टाफ और नगरपालिका के पार्षदों की बैठक हुई। इसमें बच्चों को सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित करने पर चर्चा हुई। कहा गया कि सरकारी कर्मचारियों को अपने बच्चों का दाखिला भी सरकारी स्कूलों में करवाना चाहिए। इससे आम लोग भी सरकारी स्कूलों पर भरोसा करेंगे।
स्कूल के हेड मास्टर चंद्रशेखर ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली 1 अप्रैल से लागू की जा रही है। उसी के तहत बैठक का आयोजन हुआ। सरकार सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले को बढ़ावा दे रही है। शहर के हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को सरकारी स्कूल में बच्चों को दाखिल करवाने के लिए कहें। कहा कि सरकारी स्कूलों में नई शिक्षा नीति के तहत वोकेशनल ट्रेनिंग भी शुरू कर दी जाएगी, और पढ़ाई के साथ स्किल डेवलपमेंट पर भी पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। जल्द ही स्कूलों में उसका ड्राफ्ट तैयार कर भेज दिया जाएगा। सरकारी स्कूलों में नर्सरी कक्षा शुरू कर दी गई है, और सारी सुविधाओं के साथ बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने पार्षदों से कहा कि अपने वार्ड में लोगों को बच्चे सरकारी स्कूल में भेजने के लिए प्रोत्साहित करें।
वार्ड 5 के पार्षद कैलाश चंद्र सैनी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले को लेकर लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करने की जरूरत है। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को भी ऊंचा करना चाहिए। लोगों की आज भी यही मानसिकता है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती। वहीं, वार्ड 8 के पार्षद यशपाल सैनी ने कहा कि सरकारी स्कूल के कर्मचारी भी अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में करवाएं। इससे भी आम लोग सरकारी स्कूलों के साथ जुड़ेंगे। स्कूल में पढ़ाने के अलावा सरकारी स्कूल के शिक्षकों को बच्चों को निशुल्क ट्यूशन भी देना चाहिए, जिससे गरीब बच्चों को पढ़ाई में मदद होगी। मौके पर नगरपालिका के चेयरमैन रमेश सैनी, उप चेयरमैन श्यामलाल भगत, जीत राज सैनी, रमण कुमार, नरेश कुमार, सिंपल भगत, आदि मौजूद थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। गवर्नमेंट हाई स्कूल अरनिया में शुक्रवार को स्कूल के हेडमास्टर, स्टाफ और नगरपालिका के पार्षदों की बैठक हुई। इसमें बच्चों को सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित करने पर चर्चा हुई। कहा गया कि सरकारी कर्मचारियों को अपने बच्चों का दाखिला भी सरकारी स्कूलों में करवाना चाहिए। इससे आम लोग भी सरकारी स्कूलों पर भरोसा करेंगे।
स्कूल के हेड मास्टर चंद्रशेखर ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली 1 अप्रैल से लागू की जा रही है। उसी के तहत बैठक का आयोजन हुआ। सरकार सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले को बढ़ावा दे रही है। शहर के हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को सरकारी स्कूल में बच्चों को दाखिल करवाने के लिए कहें। कहा कि सरकारी स्कूलों में नई शिक्षा नीति के तहत वोकेशनल ट्रेनिंग भी शुरू कर दी जाएगी, और पढ़ाई के साथ स्किल डेवलपमेंट पर भी पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। जल्द ही स्कूलों में उसका ड्राफ्ट तैयार कर भेज दिया जाएगा। सरकारी स्कूलों में नर्सरी कक्षा शुरू कर दी गई है, और सारी सुविधाओं के साथ बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने पार्षदों से कहा कि अपने वार्ड में लोगों को बच्चे सरकारी स्कूल में भेजने के लिए प्रोत्साहित करें।
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वार्ड 5 के पार्षद कैलाश चंद्र सैनी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले को लेकर लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करने की जरूरत है। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को भी ऊंचा करना चाहिए। लोगों की आज भी यही मानसिकता है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती। वहीं, वार्ड 8 के पार्षद यशपाल सैनी ने कहा कि सरकारी स्कूल के कर्मचारी भी अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में करवाएं। इससे भी आम लोग सरकारी स्कूलों के साथ जुड़ेंगे। स्कूल में पढ़ाने के अलावा सरकारी स्कूल के शिक्षकों को बच्चों को निशुल्क ट्यूशन भी देना चाहिए, जिससे गरीब बच्चों को पढ़ाई में मदद होगी। मौके पर नगरपालिका के चेयरमैन रमेश सैनी, उप चेयरमैन श्यामलाल भगत, जीत राज सैनी, रमण कुमार, नरेश कुमार, सिंपल भगत, आदि मौजूद थे।
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