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J&K: भाजपा का मेयर, डिप्टी मेयर बनना तय, नगर निगम जम्मू में रिकार्ड 43 सीटों से पूर्ण बहुमत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 20 Oct 2018 06:56 PM IST
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जीत के बाद जश्न मनाते बीजेपी कार्यकर्ता
- फोटो : संजय गुप्ता
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निकाय चुनाव के नतीजों में पूर्ण बहुमत लेने से भाजपा के नगर निगम जम्मू में अपना मेयर और डिप्टी मेयर बनाने का रास्ता साफ हो गया है। कुल 75 सीटों में से भाजपा को रिकार्ड 43 सीटें मिली हैं। जबकि कांग्रेस को 14 और 18 निर्दलीय की झोली में गई हैं। मेयर बनाने के लिए भाजपा ने 38 का आंकड़ा पार कर लिया है। चुनावी नतीजों के बाद पार्टी में मेयर और डिप्टी मेयर के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है।
वर्ष 2005 में हुए निकाय चुनाव में कांग्रेस 27 सीटें लेकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरा था। उस समय 71 वार्डों पर भाजपा के खाते में 25 सीटें आई थीं। जबकि नेकां ने 6, निर्दलीय 9, पीडीपी 2, बीएसपी 1 और शिव सेना एक सीट हासिल करने में कामयाब रही थी। लेकिन इस बार भाजपा ने अपनी सीटों को लगभग दोगुना कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि नेकां और पीडीपी के सीधे तौर पर चुनाव का बहिष्कार करने और कांग्रेस खेमे से मजबूत प्रत्याशियों को न उतारने का भाजपा को लाभ मिला है।
निर्दलीय खेमा भी मजबूत बनकर उभरा है। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या दोगुनी हो गई है, यानी शहर के विकास में निर्दलीय चेहरे अहम भूमिका निभाएंगे। निर्दलीय उम्मीदवारों के कंधों पर शहर के कई प्रमुख वार्डों के विकास की जिम्मेदारी होगी। भाजपा कई निर्दलीय उम्मीदवारों को अपनी तरफ खींचने का काम कर सकती है। हालांकि पूर्ण बहुमत के चलते यह उसकी मजबूरी नहीं रहेगी। कई सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में भाजपा के ही पुराने नेताओं ने मैदान मारा है। ये सभी पार्टी से टिकट न मिलने के कारण नाराज होकर चुनावी मैदान में उतरे थे।
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वर्ष 2005 में हुए निकाय चुनाव में कांग्रेस 27 सीटें लेकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरा था। उस समय 71 वार्डों पर भाजपा के खाते में 25 सीटें आई थीं। जबकि नेकां ने 6, निर्दलीय 9, पीडीपी 2, बीएसपी 1 और शिव सेना एक सीट हासिल करने में कामयाब रही थी। लेकिन इस बार भाजपा ने अपनी सीटों को लगभग दोगुना कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि नेकां और पीडीपी के सीधे तौर पर चुनाव का बहिष्कार करने और कांग्रेस खेमे से मजबूत प्रत्याशियों को न उतारने का भाजपा को लाभ मिला है।
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निर्दलीय खेमा भी मजबूत बनकर उभरा है। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या दोगुनी हो गई है, यानी शहर के विकास में निर्दलीय चेहरे अहम भूमिका निभाएंगे। निर्दलीय उम्मीदवारों के कंधों पर शहर के कई प्रमुख वार्डों के विकास की जिम्मेदारी होगी। भाजपा कई निर्दलीय उम्मीदवारों को अपनी तरफ खींचने का काम कर सकती है। हालांकि पूर्ण बहुमत के चलते यह उसकी मजबूरी नहीं रहेगी। कई सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में भाजपा के ही पुराने नेताओं ने मैदान मारा है। ये सभी पार्टी से टिकट न मिलने के कारण नाराज होकर चुनावी मैदान में उतरे थे।
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पैंथर्स का खाता नहीं खुला
नगर निगम जम्मू में पैंथर्स पार्टी अपना खाता खोलने में सफल नहीं हो पाई। पार्टी की ओर से विभिन्न वार्डों पर अपने प्रत्याशी उतारे गए थे। लेकिन किसी भी सीट पर पार्टी के उम्मीदवारों को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। हालांकि संभाग के अन्य जिलों में पैंथर्स पार्टी ने कई सीटें हासिल करने में सफलता हासिल की है।