मसर्रत आलम सात दिन के रिमांड पर
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कट्टर अलगाववादी मसर्रत आलम को 2012 में दर्ज एक मामले में सात दिन के रिमांड पर पुलिस के सुपुर्द किया गया है। सनद रहे कि कोट भलवाल जेल में बंद मसर्रत को अदालत के आदेश पर पीएसए हटाने के बाद मंगलवार को रिहा किया गया था। पुलिस ने रिहाई के तत्काल बाद मसर्रत को एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर लिया।
जेआईसी जम्मू में उसके खिलाफ राष्ट्री विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने और षड्यंत्र रचने के आरोप में आरपीसी की धारा 467, 468, 420, 471, 120-बी और 121 के तहत एफआईआर (03/2012) दर्ज है। मसर्रत को जेआईसी में रखा गया है।
लगभग तीन साल पहले मसर्रत के खिलाफ दर्ज एक केस के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने बुधवार को उसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (जम्मू) सुनील गुप्ता की अदालत में पेश किया।
सीआरपीसी की धारा 54 के तहत कस्टडी में लिया
सीजेएम ने मामले की सीडी फाइल पर गौर करने के बाद पाया कि मसर्रत को जेआईसी पुलिस स्टेशन ने हाल ही में सीआरपीसी की धारा 54 के तहत कस्टडी में लिया है। जांच अधिकारी ने अदालत में कहा कि वर्तमान केस में आरोपी से पूछताछ के लिए कुछ साक्ष्य बरामद करने की आवश्यकता है।
सीजेएम ने जांच अधिकारी के आग्रह पर गौर करने के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया आरोपी केस में शामिल पाया गया है। जिसे ध्यान में रखते हुए आरोपी को सात दिन के पुलिस रिमांड पर अदालत सौंपती है।
अदालत ने जांच अधिकारी को निर्देश दिए कि रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया जाए। उसकी गिरफ्तारी की सूचना उसके परिवार वालों को दी जाए। साथ ही हर 48 घंटे के अंतराल में उसका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाए।
उल्लेखनीय है कि घाटी में पाकिस्तानी झंडे फहराने और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में मसर्रत पर पीएसए लगाकर उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।