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Jammu News: प्रजा परिषद के आंदोलन के शहीदों को किया याद
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-प्रजा परिषद मेमोरियल ट्रस्ट ने करवाया कार्यक्रम, शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। प्रजा परिषद मेमोरियल ट्रस्ट ज्यौड़ियां ने एक निशान, एक विधान तथा एक प्रधान के समर्थन में 31 जनवरी 1953 को प्रजा परिषद के आंदोलन में शहीद हुए क्षेत्र के सात शहीदों की याद में बुधवार को कार्यक्रम करवाया। शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह हवन यज्ञ के साथ की गई।
प्रजा परिषद प्रधान व जम्मू-कश्मीर किसान एडवाइजरी बोर्ड के पूर्व वाइस चेयरमैन दलजीत सिंह चिब के नेतृत्व में हुए कार्यक्रम में प्रांत प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जम्मू-कश्मीर रुपेश कुमार ने शहीदी स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। शहीद वरेयाम सिंह निवासी परगवाल, बलदेव सिंह निवासी रतीधंधा, सांई सिंह निवासी भोरपुर, त्रिलोक सिंह भोरपुर, बसंत राम निवासी मट्टू, नानक चंद ढडोरा तथा मेला राम निवासी छंब को श्रद्धांजलि दी गई। शहीदों के परिजनों को परिषद ने सम्मानित किया। रुपेश कुमार ने कहा कि 31 जनवरी 1953 को प्रजा परिषद के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए हम लोग उपस्थित हैं, लेकिन इन शहीदों को 6 अगस्त 2019 को सच्ची श्रद्धांजलि मिल गई थी जब राज्य से अनुच्छेद 370 हटा था। हमारे यह शहीद एक निशान एक विधान तथा एक प्रधान की मांग करते हुए शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन और अनुच्छेद 370 के हटने का लोगों ने जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन एक्ट लागू होने के बाद से जम्मू-कश्मीर के अपने संविधान का अस्तित्व खत्म हो चुका है। कहा कि राज्य में जब कांग्रेस की सरकारें थीं तो लाल चौक पर पाक का झंडा लहराता था। अब तो लाल चौक पर तिरंगा फहरा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। प्रजा परिषद मेमोरियल ट्रस्ट ज्यौड़ियां ने एक निशान, एक विधान तथा एक प्रधान के समर्थन में 31 जनवरी 1953 को प्रजा परिषद के आंदोलन में शहीद हुए क्षेत्र के सात शहीदों की याद में बुधवार को कार्यक्रम करवाया। शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह हवन यज्ञ के साथ की गई।
प्रजा परिषद प्रधान व जम्मू-कश्मीर किसान एडवाइजरी बोर्ड के पूर्व वाइस चेयरमैन दलजीत सिंह चिब के नेतृत्व में हुए कार्यक्रम में प्रांत प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जम्मू-कश्मीर रुपेश कुमार ने शहीदी स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। शहीद वरेयाम सिंह निवासी परगवाल, बलदेव सिंह निवासी रतीधंधा, सांई सिंह निवासी भोरपुर, त्रिलोक सिंह भोरपुर, बसंत राम निवासी मट्टू, नानक चंद ढडोरा तथा मेला राम निवासी छंब को श्रद्धांजलि दी गई। शहीदों के परिजनों को परिषद ने सम्मानित किया। रुपेश कुमार ने कहा कि 31 जनवरी 1953 को प्रजा परिषद के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए हम लोग उपस्थित हैं, लेकिन इन शहीदों को 6 अगस्त 2019 को सच्ची श्रद्धांजलि मिल गई थी जब राज्य से अनुच्छेद 370 हटा था। हमारे यह शहीद एक निशान एक विधान तथा एक प्रधान की मांग करते हुए शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन और अनुच्छेद 370 के हटने का लोगों ने जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन एक्ट लागू होने के बाद से जम्मू-कश्मीर के अपने संविधान का अस्तित्व खत्म हो चुका है। कहा कि राज्य में जब कांग्रेस की सरकारें थीं तो लाल चौक पर पाक का झंडा लहराता था। अब तो लाल चौक पर तिरंगा फहरा रहा है।
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