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जम्मू-कश्मीरः कोरोना से लड़ाई में रिस्पेक्ट ऑल, सस्पेक्ट ऑल का मंत्र
Sat, 25 Apr 2020 01:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बारामुला
अमर उजाला नेटवर्क, बारामुला
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 25 Apr 2020 01:41 AM IST
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मीर इकबाल
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर जम्मू-कश्मीर से देश को कोरोना से जंग में रिस्पेक्ट ऑल, सस्पेक्ट ऑल (सबका सम्मान और सब पर शक) का मंत्र दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के पंचायत प्रतिनिधियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद किया जिसमें पूरे जम्मू-कश्मीर से बारामुला के नारवाव के बीडीसी चेयरमैन मीर इकबाल शरीक हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो गज की दूरी के स्लोगन का बखूबी पालन करने का आह्वान करते हुए कोरोना से लड़ाई में रिस्पेक्ट ऑल, सस्पेक्ट ऑल का मंत्र दिया।
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इकबाल से रूबरू होते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्लॉक में कोरोना के विरुद्ध लड़ाई कैसी चल रही है। आप लोग दो गज दूरी और साफ. सफ ाई के लिए क्या कुछ कर रहे हैं। इस पर बीडीसी चेयरमैन ने बताया कि यहां काफी बेहतर तरीके से कोरोना के खिलाफ जंग लड़ी जा रही है। बारामुला जिला रेड जोन में से एक है। यहां कई मरीज सामने आए हैं। शुरू में लोगों को लगता था कि ये मामला इतना नहीं बढ़ेगा, लेकिन अब हर कोई इस बीमारी से सतर्क हो चुका है। सभी पंचों और सरपंचों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को कोरोना को लेकर जागरूक किया गया और बचाव के तौर तरीकों को बताया गया। जो सबसे गरीब लोग थे उनको बीएसएफ और दूसरे संगठनों के साथ मिलकर मदद पहुंचाई गई।
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नमाज भी घरों के अंदर पढ़ रहे
इकबाल ने कहा कि ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों ने रोस्टर तय कर सड़कों पर गैरजरूरी आवाजाही को रोकने में भी अपना रोल अदा किया। लगातार बरसात और भूस्खलन से कलाइबान कुडपोरा इलाके में 15 घर पूरी तरह नष्ट हो गए थे। ऐसे सभी परिवारों को रहने के लिए टेंट की व्यवस्था की गई तथा उन्हें मुफ्त राशन उपलब्ध कराया। लोगों को मास्क पहनने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अब तो कई लोग घर में ही मास्क बनाने लगे हैं। आजकल तो नमाज भी लोग घरों के अंदर ही पढ़ रहे हैं। लोग अब ये समझ रहे हैं कि हम खुद को और दूसरों को खतरे में नहीं डाल सकते। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कठिन समय है। इसमें पूरे देश और पूरी दुनिया को बहुत परेशानी हो रही है। आप इसी तरह लोगों की सेवा करते रहिए। उनकी परेशानियों को कम करते रहिए। किसी भी गांव में अगर कोई जरूरी सामान की कमी होती है, दवाओं को लेकर दिक्कत आती है तो जरूर प्रशासन के नोटिस में लाएं। प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से भी कहा कि पंचायतों की तरफ से जो सुझाव और प्रस्ताव आ रहे हैं उन पर तेजी से कार्य किया जाए।
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खतरे को भांप यात्रा इतिहास छिपाने वालों की हुई तलाश
बीडीसी चेयरमैन ने कहा कि इस खतरे को भांपते हुए उन्होंने शुरुआत से ही पंचों तथा पंचायती राज संस्थाओं के साथ मिलकर काम शुरू कर दिया था। गांव-गांव घूमकर यात्रा इतिहास छिपाने वालों की तलाश की गई। पूरे ब्लाक में 80 लोगों को खोज निकाला गया जिनकी बाहर की यात्रा इतिहास थी। इन्हें क्वारंटीन किया गया। दुर्भाग्य से पूरे ब्लाक में एक मामला सामने आ गया। वह एक पुलिसकर्मी है जिसकी ड्यूटी श्रीनगर में थी। ड्राईवर तथा मजदूर तक को हमने ट्रेस किया। अब तो सभी गांवों में लोग समझ चुके हैं कि यदि यह बीमारी घर तक पहुंच गई तो सारे लोग प्रभावित हो जाएंगे। इस वजह से लोग खुद ही जागरूक हैं। मास्क पहनने से और अपने को घरों में कैद रखने से उनमें कोई हिचकिचाहट नहीं है।