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बाढ़ में बरती गई लापरवाही, मोदी दरबार में शिकायत
ब्यूरो/अमर उजाला, उधमपुर
Updated Wed, 10 Sep 2014 01:32 AM IST
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जम्मू कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष एवं विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने कहा कि पंचैरी के कई गांवों में हुए भूस्खलन के कारण मलबे में दबे लोगों की छटपटा कर मौत हो गई। इसके लिए पूरी तरह जिला प्रशासन जिम्मेदार है। विधायक ने आरोप लगाया कि तीन दिनों तक जिला प्रशासन पूरी तरह से सोया रहा।
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सेना व पुलिस से समन्वय की कमी रही। तीन दिन तक डीसी भी नदारद रही और बुधवार को शुरू हुई प्राकृतिक त्रासदी के लिए सोमवार को हेल्पलाइन नंबर जारी किए जा रहे हैं। जब स्थिति में अब सुधार हो रहा है। पंचेरी के सरथल, सद्दल और पंजर गांव के करीब दस हजार लोग बेघर हो गए। पचास से अधिक लोगों की मौत हो गई।
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शनिवार शाम चार बजे हुई घटना की सूचना के बाद भी दूसरे दिन शाम चार बजे सेना के हेलीकाप्टर पहुंचे। विधायक ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पंचैरी में पुलिस दोपहर दो बजे पहुंच गई। प्रभावित क्षेत्र में बचाव कार्य चलाने के लिए सेना की मदद जरूरी थी। डीसी को ही सेना से संपर्क कर सहायता लेनी थी, लेकिन डीसी तीन दिन तक गायब थीं और सेना से सहायता मांगने में 24 घंटे लग गए।
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अगर समय से सेना को सूचना दी गई होती तो दर्जनों लोगों की जानें बच सकती थी। दोपहर दो बजे तक लोग दलदल में बचाव के लिए हाथ हिलाते रहे। उन्होंने इन मौत का जिम्मेदार जिला प्रशासन को बताते हुए मामला दर्ज करने की मांग की। इसके लिए वह सुप्रीम कोर्ट तक भी जा सकते हैं। विधायक के अनुसार उधमपुर जिले में सबसे अधिक 60-70 के करीब लोग इस प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ गए हैं।
दो हजार घर तबाह हो गए। केवल पंचैरी में ही करीब दस हजार लोग भूख से तड़प रहे हैं। प्रशासन की और से कोई भी राहत नहीं पहुंच पाई है। उधमपुर के कई खिलाड़ी श्रीनगर में फंसे हुए हैं। उन्हें वापस पहुंचाने का भी जिला प्रशासन ने कोई प्रयास नहीं किया है। इस पूरे मामले में प्रशासन की तरफ से हुई देरी की जांच कराने की भी मांग की गई।