जम्मू-कश्मीर: बिंदरू के परिजनों ने खोली दुकान, कहा- घाटी छोड़कर नहीं जाएंगे, यहीं कारोबार करेंगे
माखन लाल बिंदरू के ससुर रोशन लाल मावा ने कहा कि हमारा यहां सदियों से भाईचारा है। हमारे समुदाय से पहले ही बहुत लोग कश्मीर से पलायन कर चुके हैं। 1990 में करीब 7 लाख लोग बेघर हो गए थे। स्थानीय लोगों को चाहिए कि वह अपने नाम पर कोई और धब्बा न लगने दें।
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आतंकी हमले में मारे गए केमिस्ट माखन लाल बिंदरू के परिवार ने सोमवार को केमिस्ट की दुकान खोल दी। परिवार के सदस्यों ने कहा कि वह घाटी छोड़कर नहीं जाएंगे। यहीं रहकर कारोबार करते रहेंगे। सोमवार को कुछ लोग दवाई लेने के साथ साथ अफसोस जताने के लिए भी पहुंचे। एमएल बिंदरू के ससुर रोशन लाल मावा ने कहा कि हमारा यहां सदियों से भाईचारा है। हमारे समुदाय से पहले ही बहुत लोग कश्मीर से पलायन कर चुके हैं। 1990 में करीब 7 लाख लोग बेघर हो गए थे। अब जो गिने चुने हैं उनको यहां के स्थानीय लोगों के समर्थन की जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को चाहिए कि वह अपने नाम पर कोई और धब्बा न लगने दें। बिंदरू की हत्या के बाद इतनी बड़ी तादाद में लोग हमारे साथ खड़े हुए हैं। यह देख हमने फैसला किया कि हम दुकान खोलेंगे।